
प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार) । किन्नर अखाड़ा प्रयागराज की महामण्डलेश्वर स्वामी कौशल्या नंद गिरि (टीना मा ) ने गुरू पूर्णिमा पर शिष्यों सहित अपने गुरू का बैरहना स्थित आवास पर रविवार को विधि-विधान से पूजन अर्चन कर आशीर्वाद लिया।
इस दौरान शिष्यों से देश की रक्षा और सुरक्षा के लिये चीन में बने सामानों के बहिष्कार का भी संकल्प कराया गया। शिष्यों ने किन्नर अखाड़ा प्रयागराज की महामण्डलेश्वर स्वामी कौशल्या नंद गिरि का विधि विधान से पूजन अर्चन कर आशीर्वाद लिया। महामण्डलेश्वर स्वामी कौशल्या नंद गिरि ने कहा कि सनातन काल से गुरू – शिष्य परंपरा चली आ रही है आज हम सभी लोग उसी परंपरा का पालन करते हुए सनातन धर्म को और मजबूती से स्थापित करने में लगे हुए है। उन्होंने कहा कि किन्नरों में गुरू-शिष्य परंपरा का बहुत अधिक महत्व है क्योंकि गुरू बाद में सब कुछ अपने शिष्य को प्रदान करता है। यह परंपरा अनवरत चली आ रही है जो बाद में भी चलती रहेगी। महामण्डलेश्वर स्वामी कौशल्या नंद गिरि ने शिष्यों को आशीर्वाद देते हुए उनके मंगल की कामना किया। गुरू पूजन कार्यक्रम
में शोभा, नैना, शिवानी, मनीषा, परी, आशा, शेरू सहित अन्य लोग थे। आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी जी महाराज जी महाराज किन्नर अखाड़ा का बडी संख्या में शिष्य और श्रद्धालुओं ने दिल्ली स्थित उनके आवास पर पूजन कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने भी सभी से देश को मजबूत करने और चीन में बने सामानों के बहिष्कार की अपील किया। उन्होंने कहा कि जब देश भीतर से मजबूत होगा तभी वह सुरक्षित होते हुए उन्नति करेगा। अखिल भारतीय दण्डी सन्यासी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पीठाधीश्वर स्वामी ब्रह्माश्रम महराज का शिष्यों ने विधि – विधान से पूजन अर्चन चरखी दादरी आश्रम में किया। उन्होंने बताया कि आज से चातुर्मास्य शुरू हो रहा है जो दो सितम्बर तक चलेगा। पीठाधीश्वर स्वामी ब्रह्माश्रम महराज ने लोक मंगल के कल्याण की ईश्वर से कामना किया। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानंद सरस्वती महराज का शिष्यों ने पूजन अर्चन कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने विश्व कल्याण की कामना करते हुए देश के चतुर्दिक उन्नति और लोकमंगल का आशीर्वाद दिया। महामण्डलेश्वर सरयूदास त्यागी महराज ने गुरू पूजन के पश्चात् शिष्यों के मंगल कामना का आशीर्वाद दिया। ओम नमः शिवाय संस्था प्रयागराज की ओर से लखनऊ के गोमती नगर विज्ञान खण्ड के रेलवे लाइन के किनारे बने आश्रम में विधि विधान पूजन हुआ। उन्होंने शिष्यों के मंगल की कामना करते हुए उनकी समस्याओ के निवारण के लिए भगवान शिव से कामना किया। पूज्य गुरुदेव ने कहा कि भगवान शिव का विधि विधान से पूजन करने समस्याएं अपने आप खत्म हो जाती है।