माघ मेले में ग्रामोद्योग प्रदर्शनी के साथ विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम

इलाहाबाद प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी उ0प्र0 खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के सौजन्य से परेड ग्राउन्ड त्रिवेणी रोड किले के सामने इलाहाबाद में ‘‘राष्ट्रीय खादी तथा ग्रामोद्योग प्रदर्शनी माघ मेला 2018‘‘ आयोजन किया गया है, जो एक माह लगातार चलेगा।

पूरे देश से आये व्यवसाई

इस प्रदर्शनी में उत्तर-प्रदेश के अतिरिक्त अन्य प्रदेशों जैसे- जम्मू कश्मीर, बिहार, झारखण्ड, पश्चिम बंगाल, उत्तराखण्ड, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान आदि स्थानों से खादी एवं ग्रामोद्योगी इकाईयों द्वारा प्रतिभाग किया गया है जिसमे टसर-सिल्क, मटका, कोसा सिल्क, गरद, मूगां सिल्क, कटिया से साथ-साथ कश्मीर के हस्तशिल्प सूती ऊनी एवं पश्मीना शाल तथा उत्तराखण्ड के थुलमा, चटका , नन्दां एवं अन्य ऊनी वस्त्र, मधुबनी बिहार की मसलिन खादी, पश्चिम बगांल की चन्देरी साडी, बीकानेरी नमकीन व ग्रामोद्योगी उत्पाद जैसे रसराज ग्रामोद्योग सेवा संस्थान आदि के द्वारा विभिन्न प्रकार के उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है।

जन समुदाय आनन्दित

आज आयोजित राष्ट्रीय खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी में श्रीमती अंजना शुक्ला व अनिल मासूम गु्रप इलाहाबाद द्वारा भजन, गीत गज़ल व मीनाक्षी तिवारी ग्रुप द्वारा नृत्य का प्रस्तुतिकरण किया गया, जिसने जन समुदाय को आनन्दित किया, प्रदर्शनी स्थल का सांस्कृतिक पंडाल खचाखच भरा हुआ था तालियों की गड़गडाहट से पूरा पंडाल गूंजता रहा।

इनकी रही उपस्थिति

जन समुदाय द्वारा भव्य प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया एवं अपनी-अपनी आवश्यकताओं को देखते हुए जमकर खरीददारी की गयी। प्रदर्शनी में  राम औतार यादव, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी,  राजीव शुक्ला, मंत्री रसराज ग्रामोद्योग सेवा संस्थान व मो. कमर, लालजी धुरिया, मनीष कुमार, सुनील कुमार, गिरजा शंकर पाण्डे, दिनेश कुमार दुबे, रामलाल आदि उपस्थित रहे।

12 फरवरी तक प्रदर्शनी
दिनांक-09-02-2018 तक प्रदर्शनी में खादी की बिक्री रु. 391.35 लाख तथा ग्रामोद्योगी वस्तुओं की बिक्री रु. 65.75 लाख की हुई है। इस प्रकार कुल बिक्री रु0 459.10 लाख की हुई है। यह प्रदर्शनी दिनांक- 12 फरवरी 2018 तक चलेगी। यह भव्य प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है।

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