अनन्त पार्थिव शिवलिंग निर्माण का 14वाँ दिन
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। विश्व जन कल्याण एवं सर्वकामना पूर्ति हेतु जारी अनन्त पार्थिव शिवलिंग निर्माण महायज्ञ नैतिक विकास शोध संस्थान सेवा ट्रस्ट प्रयाग के तत्वाधान में आज 14वें दिन भी निर्विघ्नता के साथ जारी रहा। आज पार्थिव शिवलिंग का अभिषेक नैतिक विकास शोध संस्थान की कोषाध्यक्ष श्रीमती आशा पाण्डेय ने विधि विधान के साथ करते हुए राष्ट्र की सबसे बड़ी आपदा कोरोना महामारी के समूल नाश की प्रार्थना भगवान भोलेनाथ से किया। यज्ञ स्थल पर महाशिवपुराण कथा का अमृतपान कराते हुए पं0 पवन देव जी महराज ने कहा कि सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में शिव जी की सेवा किये बिना कोई कार्य पूर्ण नही होता है इसलिए भक्त को कार्य सिद्धि के लिए शिव-पार्वती की पूजा करनी चाहिए इस सम्बन्ध में एक कथा का द्रष्टान्त देते हुए श्री महाराज ने कहा की एक बार भीषण अकाल पड़ा की सौ वर्षों तक संसार में पानी नही बरसा उसी समय अत्रि मुनि चित्रकूट पर्वत पर पत्नी अनुसुईया सहित घोर तपस्या कर रहे थे। उस समय सब संसारी जीव, ऋषि मुनि आदि मुनि के पास गए और अपना दुखड़ा सुनाया किंतु शिव साधना में लीन होने के कारण अत्रि मुनि ने उनकी बात नहीं सुनी जिससे संसार के कष्ट निवारणार्थ माता अनुसूया ने दृढ़ता पूर्वक पार्थिव पूजन करने लगी जिसके प्रभाव से शिव जी ने माँ गंगा सहित वहां उपस्थित होकर माँ अनुसूया को दर्शन दिया और उनकी मनोकामना पूर्ण करते हुए संसार के कष्ट निवारणार्थ घनघोर वर्षा किया और सभी के कष्टों को दूर कर दिया। अत्रीमुनि एवं अनुसूया के प्रार्थना पर भगवान शिव वहीं पर अत्रीश्वर शिवलिंग नाम से विराजमान है और मन्दाकिनी नदी के रूप में माँ गंगा वहीं पर अपनी शीतलता बिखेरती हैं।
आज के अभिषेक आरती में मुख्य रूप से आशा पाण्डेय के अलावा संरक्षक फूलचंद्र दुबे, नागेंद्र सिंह, राजेंद्र तिवारी दुकानजी, संजय बनकटा, विजय तिवारी, सत्य प्रकाश पाण्डेय, देवप्रकाश त्रिपाठी, नीरज त्रिपाठी, जितेंद्र शुक्ला, अमित पाण्डेय, डॉ0 विजय सिंह सहित यज्ञ संयोजक श्याम सूरत पाण्डेय उपस्थित रहे।