
इलाहाबाद। जनपद में आज अन्नदाताओं पर आसमान से आफत बरस पड़ी। तेज हवा और बारिश के साथ ओले (बर्फ) पड़े। जिससे गेंहू की बची हुई फसल भी गिर गई। तेज हवा के साथ बारिश और ओले गिरने से फसल में गेंहू, चना, मटर, सरसों, मसूर के साथ सब्जी की फसलों को जबरदस्त नुकसान हुआ है। वहीं जिस तरह से मौसम का रौद्र रूप बना हुआ है। जिससे किसान भयभीत हैं ।
इलाहाबाद में तीन साल से मौसम की भीषण मार से किसान आहत हैं। पिछले सालों में भी बेमौसम तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई थी। इससे गेंहू समेत रबी सीजन की सभी फसलों का सत्यानाश हो गया था। इधर, दो साल से मौसम की मार झेलकर टूट चुके अन्नदाताओं ने खून-पसीना बहाकर गेंहू समेत रबी की अन्य फसलें किसी तरह तैयार की। खेतों में लहलहा रही फसलों में अभी दाने पड़ने शुरू ही हुए थे की इसी बीच मौसम की मार पड़ गई। कुछ फसल तो ठंढ के कहर कोहरे से ख़राब हुई और आज रात हुई भीषण बारिश और ओले के गिरने कारण से बहुत ही अधिक फसलों का नुकसान हुआ होगा। इस बर्बादी को देख किसानों के आंसू थम नहीं रहे हैं। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से बची खुची फसलें भी गिर गई हैं। करारी कस्बे के किसान सईद शेख ने बताया कि इस ओले और हवा के साथ बारिश से गेंहू की फसल का तो फिर से सत्यानाश हो सकता है। फसल गिरकर पूरी तरह से बर्बाद हो गई होगी। जिससे दाने कमजोर हो जाएंगे। मौसम की इस मार से अब किसानों का उबरना मुश्किल है।