जल्द नए भवन में शिफ्ट होगा हिन्दी विश्वविद्यालय: विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए शुरु हुआ ऑनलाइन आवेदन


परास्नातक में हिन्दी अनुवाद एवं भाषा शिक्षण का नया पाठ्यक्रम

प्रयागराज। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय के वर्धा केन्द्र में नए शैक्षिक सत्र से अध्ययन-अध्यापन का काम झूंसी स्थित नवनिर्मित भवन में होगा। भवन का निर्माण काम लगभग पूरा हो गया है और 15 सितंबर से विश्वविद्यालय नए भवन में शिफ्ट हो जाएगा। यह बातें विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल ने बताईं। हिंदी माध्यम के विभिन्न पाठयक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हैं। अंतिम तिथि 5 सितंबर तय की गई है।
कुलपति प्रो. शुक्ल ने बताया कि इस विश्वविद्यालय में अन्य संस्थानों की अपेक्षा फीस काफी कम है। विश्वविद्यालय में 400 से ज्याद छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं। कोरोना का कोई केस सामने नहीं है। यह पहला विश्वविद्यालय है जो 17 मार्च से ही ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन शुरू कर दिया था। इस दौरान कुलपति ने बताया कि नई शिक्षा नीति से रोजगार के अवसर बढ़ेगें। सभी विश्वविद्यालय से ज्यादा वर्धा के छात्रों का प्लेसमेंट हो चुका है।
कुलपति ने बताया कि नए सत्र में दो नए पाठ्यक्रमों में पढ़ाई होगी। परास्नातक में हिन्दी अनुवाद और शिक्षण भाषा के संचालन की मंजूरी मिलने के बाद आवेदन लिए जा रहे हैं। परास्नातक में हिंदी-भाषा विज्ञान, हिंदी-भाषा प्रौद्योगिकी, मास्टर ऑफ इंफॉर्मेटिक्स एंड लैंग्वेज इंजीनियरिंग, एमटेक कंप्यूटेशनल लिंग्विस्टिक्स, हिंदी साहित्य, हिंदी-तुलनात्मक भारतीय साहित्य, हिंदी-भाषा शिक्षण, हिंदी-अनुवाद, नाट्यकलाशास्त्र, फिल्म अध्ययन, संस्कृत, मराठी, गांधी एवं शांति अध्ययन, स्त्री अध्ययन, दलित एवं जनजातीय अध्ययन, बौद्ध अध्ययन, एम.एस.डब्ल्यू. समाजशास्त्र, इतिहास, दर्शनशास्त्र, राजनीति विज्ञान, अनुवाद अध्ययन, प्रवासन एवं डायस्पोरा अध्ययन, जनंसचार, मानवविज्ञान, शिक्षाशास्त्र, एमएड और एमबीए, मनोविज्ञान आदि विषयों के साथ ही विदेशी भाषाओं में चीनी, स्पैनिश, जापानीज, फें्रच भाषा सहित फोरेंसिक साइंस के लिए आवेदन प्रारंभ है।

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