
पृयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। आज परिक्षेत्रीय कार्यालय प्रयागराज में पुलिस महानिरीक्षक प्रयागराज , श्री कवीन्द्र प्रताप सिंह के कर कमलों द्वारा पुलिस मित्र की वेबसाइट www.policemitraa.org का शुभारंभ किया गया | इस अवसर पर वेबसाइट बनाने वाली टीम को आईजी रेंज प्रयागराज द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया एवं उन सभी का उत्साहवर्धन किया गया |
आईजी रेंज प्रयागराज श्री कवीन्द्र प्रताप सिंह द्वारा बताया गया कि उक्त वेबसाइट में कोई भी व्यक्ति “Registration” करके रक्तदाता बन सकता है | इसमे जो भी आमजन रक्तदान करेगे या जिनको रक्त की जरूरत होगी दोनो लोगो का पुलिस मित्र टीम द्वारा वेरिफिकेशन किया जाएगा , उसके बाद ही बाद ही मदद की जाएगी | अगर परिवार के लोग अपनो को रक्त नही दे रहे है तो उनको रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया जाएगा | इस वेबसाइट के माध्यम से पुलिस मित्र के बारे में समस्त जानकारी प्राप्त की जा सकती है | इस वेबसाइट में ” Request ” का कालम है जिस पर कोई आमजन या पुलिसकर्मी ब्लड के लिए आवेदन कर सकता है , वेरिफिकेशन के बाद उसकी मदद की जाएगी |
आइजी रेंज प्रयागराज द्वारा बताया गया कि “पुलिस मित्र” एक ऐसा मंच जहाँ “पुलिस और पब्लिक” एक साथ मिलकर रक्तदान-महादान जैसा मानवीय कार्य कर रहे है , जिसके माध्यम से अब तक 1500 से भी ज्यादा जिंदगियां बच चुकी है | 3 वर्षो से भी अधिक समय से लगातार चल रही ये मुहिम आज उत्तर प्रदेश ही नही भारत के अन्य राज्यों में भी मदद पहुँचा रही है | “पुलिस मित्र” सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म व्हाट्सएप,फ़ेसबुक, ट्विटर के माध्यम से रक्तदान-महादान का मानवीय कार्य कर रहा है | इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य रक्त के अभाव में जा रही जिंदगियों की रक्षा करना है | इसमे पुलिस और पब्लिक का महत्वपूर्ण योगदान है | पुलिस के जवान अपनी ड्यूटी के पश्चात ये मानवीय कार्य निस्वार्थ भाव से करते है |
“पुलिस मित्र” शिविर के माध्यम से “स्वैच्छिक रक्तदान” आयोजित करता है एवं उसी रक्त से लोगो की जान बचती है | अब तक पुलिस मित्र द्वारा 10 रक्तदान शिविर आयोजित किये गये है | विगत महाकुंभ मेले में 247 यूनिट रक्तदान किया गया था जो पुलिस मित्र का सबसे बड़ा शिविर था | यह मुहिम उत्तर प्रदेश के सम्पूर्ण जनपदो में तथा भारत के 18 राज्यो में चल रही है | आने वाले समय मे सम्पूर्ण भारत मे इस मुहिम के माध्यम से लोगो के जान की रक्षा करनी है |
मदद हेतु जब किसी भी व्यक्ति का सन्देश व्हाट्सएप समूह या ट्वीटर अथवा फ़ेसबुक पर आता है तो सम्बंधित जनपद के साथियों को अवगत कराया जाता है , अगर वो व्यक्ति चाहे वो पुलिसकर्मी हो या समाजसेवी हो व्यस्त है या उपस्थित नही है तो दूसरे साथी से प्रकरण बताया जाता है, फिर वो साथी जाकर निःस्वार्थ भाव से “स्वैच्छिक रक्तदान” करता है और उस व्यक्ति की जान बचाता है |
आईजी रेंज प्रयागराज श्री कवीन्द्र प्रताप सिंह द्वारा बताया गया कि इस सफर की शुरुआत पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय प्रयागराज में तैनात आरक्षी श्री आशीष कुमार मिश्र के द्वारा 25 फरवरी 2017 को जनपद प्रयागराज से की गई | इस आरक्षी ने अपने ड्यूटी के साथ-साथ इस सफर की शुरुआत की और आज एक बड़ा कारवां बन गया | पूर्व डीजीपी आदरणीय श्री ओ0पी0 सिंह महोदय एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मुहिम की तारीफ की | प्रयागराज परिक्षेत्र के वर्तमान पुलिस महानिरीक्षक श्री कवीन्द्र प्रताप सिंह द्वारा इस मुहिम की सराहना करते हुए कहा गया है ये एक सराहनीय पहल है | आने वाले समय मे ये मुहिम निश्चित रूप से पूरे भारत मे बेस्ट करेगा | आईजी रेंज प्रयागराज द्वारा स्वयं हर 3 माह पर रक्तदान किया जाता है एवं लोगो को जागरूक किया जाता है | रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं और रक्तविरंगनाओ को समय समय पर सम्मान समारोह अयोजित करके उनको सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया जाता है |
इस मुहिम में आमजन का बहुत सहयोग रहा | ऐसे कई आमजन है जो जो दिन रात कड़ी मेहनत करके इस मुहिम को आगे बढ़ा रहे है | हर 3 माह पर स्वैच्छिक रक्तदान करना ये अपना मूल कर्तव्य मानते है | आमजन के इस योगदान को कभी नही भुलाया जा सकता है |
इस वेबसाइट को यूनाइटेड इंजीनियरिंग कालेज नैनी , प्रयागराज के कंप्यूटर साइंस के इंजीनियर श्री संजीव जी और श्री ऋषभ जी ने निःस्वार्थ भाव से पुलिस मित्र की सेवा भावना से प्रभावित होकर निःशुल्क तैयार किया है | इनका कहना है कि पुलिस मित्र के साथ जुड़कर ये मानवीय कार्य करना उनके लिए एक उत्साहवर्धन है | इस अवसर पर परिक्षेत्रीय कार्यालय की ओएसडी डॉ मधुलिका पाठक , निरीक्षक गोपनीय सहायक श्री इब्ने हसन रिजवी, प्रधान लिपिक शाखा की प्रभारी निरीक्षक विमला देवी, पीआरओ महेश मिश्रा, मीडिया सेल प्रभारी रवि प्रकाश सिंह एवं समस्त स्टाफ तथा पुलिस मित्र के सदस्य प्रवीण अग्रवाल, आशीष शुक्ला, विकास वर्मा, सिकन्दर प्रजापति, विपुल श्रीवास्तव, इंजीनियर ऋषभ जी, उपस्थित थे |