सरकारी वकीलों की फीस में कटौती विभेदकारी: गर्ग

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार) । इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष एसके गर्ग ने सरकारी वकीलों की फीस में की गई कटौती को विभेदकारी बताते हुए राज्य सरकार से इसे वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि जब कोई भी विधायक, मंत्री व सरकारी अधिकारी अपने वेतन से कटौती नहीं करा रहा है तो केवल सरकारी वकीलों की फीस की कटौती करना सरकार व नौकरशाही की ज्यादती है। उन्होंने केंद्रीय कानून मंत्री से अनुरोध किया है कि केंद्र सरकार के विभागों द्वारा मंत्रालय से निर्धारित वकीलों की फीस में अनावश्यक कटौती बंद करने का आदेश करें।
गर्ग ने मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया है कि हर शनिवार व रविवार को हाईकोर्ट क्रिकेट मैदान में कैंप लगवाकर वकीलों, स्टाफ व मुंशियों की कोरोना जांच कराने की व्यवस्था करवाई जाए। उन्होंने यूपी बार कौंसिल, ट्रस्टी कमेटी व हाईकोर्ट बार एसोसिएशन से अनुरोध किया है कि कोरोना काल में जरूरतमंद वकीलों के साथ मुंशियों को आर्थिक सहायता देने की पहल करें। उन्होंने ने महाधिवक्ता से अनुरोध किया है कि जरूरतमंद वकीलों, मुंशियों की आर्थिक सहायता के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजें और अमल में लाने का प्रयास करें।

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