प्रवक्ता के 4000 खाली पदों को भरने की मांग

हाईकोर्ट ने उशिसे चयन आयोग से मांगा जवाब

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। सूबे के राजकीय सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के चार हजार खाली पदों को भरने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उच्चतर शिक्षा सेवा (उशिसे) चयन आयोग से जानकारी मांगी है। कोर्ट ने आयोग के अधिवक्ता से एक सितम्बर को वर्ष 1992 का कानून संशोधन पेश करने को कहा है।
यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल ने सौरभ कुमार सिंह व आठ अन्य की याचिका अधिवक्ता सत्येन्द्र त्रिपाठी को सुनकर दिया है। मामले के तथ्यों के अनुसार याची सहायक प्रोफेसर पद पर नियुक्ति की अर्हता रखते हैं। 2014 में 3974 पद खाली थे। खाली पदों को भरने की मांग में याचिकाएं दाखिल की गईं तो मुख्य सचिव ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि मार्च 2014 तक पद विज्ञापित कर मई 2014 में परीक्षा कर 2014-15 शिक्षा सत्र में विषय वार नियुक्तियां कर दी जाएंगी।
सरकार की संस्तुति पर उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग ने 2014 में 1652 और मार्च 2016 में 1150 पदों की भर्ती निकाली। याचियों के अधिवक्ता का कहना है कि उसके बाद से खाली पदों को भरने की प्रक्रिया रुकी हुई है। जबकि उप्र उच्च शिक्षा सेवा चयन आयोग एक्ट में प्रति वर्ष के रिक्त पदों पर चयन करने की व्यवस्था दी गई है।
उधर, उशिसे चयन आयोग के अधिवक्ता का कहना था कि याचियों को भर्ती निकालने की मांग का अधिकार नहीं है। सरकार द्वारा संस्तुति मिलने पर आयोग भर्ती के लिए तैयार है। यह भी कहा कि प्रत्येक वर्ष की रिक्तियों की भर्ती के नियम 1992 में संशोधित कर दिए गए। इस पर कोर्ट ने संशोधन कानून पेश करने को कहा है।

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