प्रयागराज में कराए गए पांच बाल श्रमिक: एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिग यूनिट व श्रम विभाग की टीम की कार्रवाई

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिग यूनिट और श्रम विभाग की टीम ने गुरुवार को कई ढाबा, रेस्टोरेंट व दुकानों पर छापेमारी की। वहां काम कर रहे पांच नाबालिग लड़कों को मुक्त कराते हुए घर भेज दिया गया। साथ ही दुकानदार व ढाबा मालिक के खिलाफ कार्रवाई की गई। टीम ने बाल श्रमिक की शिक्षा पर जोर देते हुए उनके घरवालों से काम न कराने की सलाह दी।
दरअसल, वूमेन पॉवर लाइन की एडीजी नीरा रावत के निर्देश पर बाल श्रम रेस्क्यू अभियान शुरू किया है। यह मुहिम 30 सितंबर तक चलेगी। इसके नोडल अफसर एसपी क्राइम आशुतोष मिश्रा को बनाया गया है। अभियान के लिए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिग यूनिट (एएचटीयू) प्रभारी राजकमल यादव व बाल श्रम उप प्रवर्तन अधिकारी आलोक रंजन, मधबुन राम की एक टीम बनाई गई है। गुरुवार को टीम ने घूरपुर में रींवा रोड पर स्थित बाबा ढाबा एंड रेस्टोरेंट पर छापेमारी की। वहां लालापुर का 17 वर्षीय राजगुरु काम करते पाया गया। ढाबा मालिक मो. इलियास ने उसे काम पर रखा था। इसके बाद टीम नैनी के मामा भांजा चैराहे पर स्थित बीके ऑटोमोबाइल रिपेयरिग सेंटर पर पहुंची, जहां किशोरावस्था का विपिन काम करते मिला। दोनों बाल श्रमिकों को मुक्त कराते हुए उनके मालिकों पर कार्रवाई की गई।
इससे पहले करेली के शकील वेल्डिग व‌र्क्स से 15 वर्षीय अल्ताफ, खुल्दाबाद में मिठाई की दुकान से दीपक और बैरहना में मेडिकल स्टोर पर काम कर रहे बाल श्रमिक रंजीत शर्मा को मुक्त कराया गया। नोडल अधिकारी आशुतोष मिश्रा का कहना है कि जिनके प्रतिष्ठान में काम करते हुए बाल श्रमिक मिल रहे हैं, उनके विरुद्ध श्रम विभाग की ओर से कार्रवाई की जा रही है।

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