
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने छात्र संघ की पूर्व अध्यक्ष रिचा सिंह के नेतृत्व में शिक्षा मुख्यालय, प्राधिकरण स्थानांतरण किए जाने के खिलाफ सिविल लाइन किस सुभाष चौराहे पर जमकर किया विरोध प्रदर्शन सपाइयों को कहना है। इलाहाबाद जो अब प्रयागराज हो गया है इसके नाम के बदलने के साथ-साथ सरकार इसकी सूरत बदलने की साजिश कर रही है। योगी सरकार यह भूलती जाती है कि इन्ही संस्थानों से यहां के होटल व्यवसाय, छोटे व्यापारी, सड़क पर ठेला लगाने वाले और शहर की तीन चौथाई आबादी का पालन पोषण इन संस्थानों से होता है।ये प्रयागराज वालों के साथ धोखा है। छात्रों के साथ धोखा है। इलाहाबाद की अपेक्षा मंत्रियों को भारी पड़ेगी। कोरोना के समय इलाहाबाद में रोज़गार बढ़े इसपे ध्यान हो चाहिए न कि इलाहाबाद से रोज़गार छीनने का। शिफ्टिंग में बहुत पैसा ख़र्च होगा। आज जब आर्थिक मंदी है, तब ऐसा कदम क्यों इतिहास और वर्तमान से खेलने वोलों को प्रयागराज सबक सिखाएगा। एक-एक करके सारे अधिकरणों को प्रयागराज से हटाकर लखनऊ में शिफ्ट कर इलाहाबाद के महत्व को ख़त्म करना चाहती है । विरोध प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से मंजू पाठक सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे।