
- 68 किमी लंबी इनररिंग रोड परियोजना के विभिन्न चरणों में निर्माण का प्रस्ताव
- 27 किमी लंबी इनर रिंग रोड प्रथम चरण में बनाने का तैयार किया गया मसौदा
- 5000 करोड़ की लागत वाली सबसे बड़ी सड़क परियोजना है इनर रिंग रोड
विस्तार
संगमनगरी के विकास की सबसे महत्वाकांक्षी इनर रिंग रोड परियोजना पर कोरोना काल में काम शुरू कराने के लिए नए सिरे से प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ सूबे के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की बैठक के बाद इस दिशा में नई पहल शुरू हुई है।
नए प्रस्ताव के मुताबिक चरणबद्ध तरीके से इस परियोजना पर निर्माण आरंभ कराने के लिए कहा गया है, ताकि बजट के अभाव को लेकर कोई पेंच न फंसने पाए। चार दिन पहले दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इनर रिंग रोड परियोजना व सिक्स लेन पुल निर्माण की अहम परियोजनाओं को शुरू कराने के लिए चर्चा की थी। इसके बाद इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए एनएचएआई ने पहल तेज कर दी है। अब इनररिंग रोड परियोजना को चरणबद्ध तरीके से पूरा कराने का प्रस्ताव भेजा गया है।
नए प्रस्ताव के तहत पहले चरण में इनर रिंग रोड को रीवा रोड से नैनी, अरैल, झूंसी व अंदावा के आगे से सहसो बाई पास में मिलाने की योजना बनाई गई है। इस नए प्रस्ताव में प्रथम चरण में 27 किमी इनर रिंग रोड का निर्माण शुरू कराने की बात कही गई है। इसके पीछे अफसरों का मकसद कोरोना काल में बजट की कमी की वजह से इनर रिंग रोड का काम प्रभावित न होने देना है।
एनएचएआई के अफसरों का कहना है कि इससे इनर रिंग रोड पर काम भी आरंभ हो जाएगा और सरकार पर अतिरिक्त बोझ भी नहीं पड़ेगा। अफसरों के मुताबिक इनर रिंग रोड और सिक्स लेन पुल दोनों ही परियोजनाएं बड़े बजट वाली हैं। इनर रिंग रोड पर पांच हजार करोड़ रुपये और सिक्स लेन पुल के निर्माण में दो हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत आने का अनुमान है। इनर रिंग रोड के दोनों तरफ हरित पट्टी के विकास के साथ ही नई टाउनशिप भी बसाई जाएंगी।