उप्र बार कौंसिल की सभी अधिवक्ता संघों से अपील
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। अपराधियों को पुलिस व प्रशासन से बचाने के लिए सरेंडर कराने अदालत तक वकील की ड्रेस में ले जाने को यूपी बार कौंसिल ने गंभीरता से लिया है। बार कौंसिल के अध्यक्ष जानकी शरण पांडेय ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यह कार्य अनुचित एवं गैरकानूनी है। ऐसा करना व्यावसायिक कदाचार माना जाएगा और दोषी वकील के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कार्यवाही के हाईकोर्ट या व डिस्ट्रिक्ट कोर्ट को भी अलग से संदर्भित किया जाएगा।
उप्र बार कौंसिल ने सभी अदालतों के पीठासीन अधिकारियों और अधिवक्ता संघों से भी अपेक्षा की है कि ऐसा कोई मामला सामने आने पर कौंसिल को सूचित किया जाए। अध्यक्ष जानकी शरण पांडेय ने आरोपियों को अदालत में सरेंडर कराने के लिए अनुचित साधनों का प्रयोग करने और इसके नाम पर आरोपियों से वसूली करने वाले वकीलों को चेतावनी देते हुए कहा है कि कौंसिल के संज्ञान में आया है कि आरोपियों को सरेंडर से पूर्व गिरफ्तारी से बचाने के लिए वकील की ड्रेस में अदालत तक ले जाया जाता है। इस कार्य में वकील ही आरोपियों की मदद करते हैं।
उप्र बार कौंसिल अध्यक्ष ने कहा कि यदि बार कौंसिल के संज्ञान में आता है कि किसी वकील ने आरोपी को वकील की ड्रेस पहनाकर कोर्ट में सरेंडर कराया है तो इसे व्यावसायिक कदाचार मानते हुए सख्त कार्यवाही की जाएगी। साथ ही उच्च न्यायालय या जिला न्यायालय को भी उसके विरुद्ध कठोर कार्यवाही के लिए ने संदर्भित किया जाएगा।