कारोबारी अनुराग संत के अपहरण के मामले में पुलिस ने एक युवक को सिविल लाइंस चौराहे पर सपा के धरना स्थल से उठा लिया। वह सपाइयों के साथ बैनर लेकर नारेबाजी कर रहा था। अनुराग को कहीं से पता चला तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सुबूत मिलने के बाद ही उसे जेल भेजा जाएगा।
सिविल लाइंस में होटल चलाने वाले कारोबारी अनुराग संत का 28 अगस्त को सिविल लाइंस से अपहरण कर लिया गया था। उनका आरोप था कि अपहर्ताओं ने उन्हें कार्बाइन की बट से पीटा और घरवालों से रंगदारी मांगी। मामले में सिविल लाइंस थाने में चार नामजद तथा कई अज्ञात अपहर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। बृहस्पतिवार को सपा की ओर से सुभाष चौराहे पर बेरोजगारी पर सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन चल रहा था। अपहरण कांड का एक आरोपी प्रदर्शनकारियों के साथ बैनर लेकर नारेबाजी कर रहा था।
इस बात की जानकारी अनुराग को हुई तो उन्होंने तुरंत अधिकारियों को सूचना दी। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस ने बताया कि सूचना पर आरोपी को धरना स्थल से उठाया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। हालांकि, एफआईआर में वह नामजद नहीं था। अनुराग का कहना है कि पकड़े गए शख्स ने ही उन्हें कार्बाइन की बट से पीटा था। घटना की सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स लोकेशन आदि की जांच की जा रही है, इसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी। कारोबारी अनुराग संत ने डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी से मिलकर मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की है।