ट्रैक ऐसा जिस पर 160 की स्पीड से दौड़ेंगी ट्रेनें

महाप्रबंधक ने की संरक्षा व माल लदान से संबंधित कार्यों की समीक्षा

सेलुलर नेटवर्क से नियंत्रणकक्ष से विभिन्न स्थलों की लाइव निगरानी

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। उत्तर मध्य रेलवे (उमरे) महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने प्रमुख विभागाध्यक्षों और प्रयागराज, झांसी और आगरा के डीआरएम के संरक्षा, माल लदान और नई दिल्ली-हावड़ा और नई दिल्ली मुंबई मुख्य मार्गों पर 160 किमी प्रति घंटा की गति से संबंधित कार्यों और अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान नई दिल्ली-हावड़ा और नई दिल्ली-मुंबई मुख्य मार्गों पर 160 किमी प्रति घंटे की गति से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई। ट्रैक के उन्नयन से संबंधित कार्यों जैसे ट्रैक को 160 किलोमीटर प्रति घंटे पर परिचालन के लिए फिट बनाने के दृष्टिगत थिक वेब स्विच का प्रावधान प्रारम्भ कर दिया गया है और अब तक 15 थिक वेब स्विच लगाये जा चुके हैं। महाप्रबंधक ने जोर देकर कहा कि 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से संबंधित सभी कार्यों, विशेष रूप से ट्रैफिक ब्लॉक की आवश्यकता वाले कार्यों में तेजी लाई जानी चाहिए। रूट किलोमीटर और यातायात में सर्वोत्तम हिस्सेदारी के साथ, उत्तर मध्य रेलवे को वित्त वर्ष 2023-24 तक पूरा करने के लिए लक्षित नई दिल्ली-हावड़ा खंड के लिए समन्वय भूमिका सौंपी गई है।
लोको पायलटों और गार्डों द्वारा वे साईड स्टेशनों पर मालगाडियों की संरक्षा जांच को जीडीआर के नाम से जाना जाता है। यह मालगाडिय़ों की अंडरगेयर फिटिंग, दरवाजों का ठीक से बंद होना, वैगन से किसी भी ढीली या लटकती वस्तु के न होने और उचित ब्रेक पावर होने आदि की जांच द्वारा ट्रेन के संरक्षायुक्त और सुचारू संचालन के क्रम में एक महत्वपूर्ण में प्रक्रिया है। राजीव चौधरी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक चालक लॉबी द्वारा एक अभियान चलाया जाएगा जिसके तहत प्रत्येक साइन-ऑन और साइन-ऑफ के दौरान चालक दल को जीडीआर चेक के महत्व को बताया जायेगा और इस महत्वपूर्ण संरक्षा निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तुत जीडीआर रिपोर्ट को निरीक्षकों और अधिकारियों द्वारा जांचा जाएगा।
उमरे की दुर्घटना राहत गाडिय़ों को मुख्यालय एवं मण्डल नियंत्रण कक्षों से किसी ब्रेकडाउन, दुर्घटना आदि की स्थिति में राहत और रेस्टोरेशन उपायों की निगरानी के लिए वी-सैट आधारित लाइव वीडियो ट्रांसमिशन सिस्टम से लैस किया गया है। राजीव चौधरी ने सेलुलर नेटवर्क का उपयोग करके मोबाइल डिवाइस के माध्यम से नियंत्रणकक्ष से विभिन्न साइटों की लाइव निगरानी के लिए उपलब्ध विभिन्न विकल्पों को तलाश करने के लिए मुख्यालय के आईटी सेल और प्रयागराज मण्डल को निर्देशित किया।
उमरे के सभी हिस्सों से तेज और निर्बाध लाइव ट्रांसमिशन के लिए मजबूत नेटवर्क और विभिन्न रेलवे एप्लीकेशंस के लिए एक उपयुक्त उपकरण की आवश्यकता है। इन स्वतंत्र टीमों द्वारा सुझाए गए सर्वश्रेष्ठ अनुकूल विकल्प को पूरे उमरे में समान रूप से अपनाया जाएगा। ब्रेकडाउन, दुर्घटनाओं आदि के अतिरिक्त, यह प्रणाली उत्तर मध्य रेलवे पर किए जा रहे विभिन्न कार्यों की निगरानी में भी बहुत मदद करेगी और बेहतर संसाधन और पूर्वानुमान में भी सहायक सिद्ध होगी।

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