आरोपियों का दो माह के भीतर हो नार्को टेस्ट: हाईकोर्ट

दो वर्ष पूर्व सोरांव के बिगहिया में चार लोगों की सामूहिक हत्या का मामला

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। हाईकोर्ट ने दो वर्ष पूर्व 2008 में सोरांव के बिगहिया गांव में एक ही परिवार के चार लोगों की सामूहिक हत्या के मामले में तीन आरोपियों का दो माह के भीतर नार्को टेस्ट कराकर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरविंद कुमार मिश्र ने आरोपी रवि पासी व अन्य की याचिका पर दिया है। याचिका में आरोपियों ने नार्को टेस्ट कराने की मांग की है।
याचियों के अधिवक्ता संगम लाल केसरवानी का कहना था कि अभियुक्तों ने जेल में रहते हुए नार्को टेस्ट की अर्जी दी थी, जिस पर नौ जनवरी 2019, नौ अगस्त 2019 व पांच फरवरी 2020 को पुलिस को अभियुक्तों का नार्को टेस्ट कराने का आदेश दिया गया लेकिन विवेचक जानबूझकर टालते आ रहे हैं। उन्होंने नार्को टेस्ट कराए बगैर अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है और मुकदमे का ट्रायल चल रहा है। याचियों की ओर से कहा गया कि वे निर्दोष हैं, उन्हें झूठा फंसाया गया है।
इससे पूर्व हाईकोर्ट ने नार्को टेस्ट कराने में लापरवाही पर नाराजगी जताई थी और अभियुक्तों का टेस्ट कराने का आदेश दिया था। कोर्ट ने प्रमुख सचिव गृह को निर्देश दिया था वह मामले का संज्ञान लेकर टेस्ट कराने की कार्यवाही करें। कोर्ट ने एडीजी प्रयागराज को तलब भी किया था।
एडीजी प्रेमप्रकाश ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने स्वयं गांधीनगर (गुजरात) स्थित फोरेंसिक लैब के निदेशक से बात की है। निदेशक ने कोविड-19 और अन्य व्यवस्ताओं के कारण टेस्ट के लिए अक्तूबर से पहले की डेट देने से मना किया था। कोर्ट के आदेश की जानकारी देने के बाद वह 21 व 30 सितंबर को राहुल पासी और आलोक पासी उर्फ लोकई के नार्को टेस्ट का एक स्लॉट कराने पर सहमत हुए हैं। डॉक्टरों की कमी के कारण अभियुक्तों का टेस्ट तीन स्लॉट में होगा। तीसरे अभियुक्त सुनील उर्फ बाबा पासी के टेस्ट की तारीख अभी नहीं दी है। शासकीय अधिवक्ता शिवकुमार पाल ने कहा कि एडीजी स्वयं इस मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। अभियुक्तों का जल्द से जल्द नार्को टेस्ट कराकर रिपोर्ट दाखिल की जाएगी। इस पर कोर्ट ने याची के अधिवक्ता को एडीजी के हलफनामे का जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है।

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