सरकार द्वारा तीर्थ पुरोहितों व पुजारियों पर हो रहा उत्पीड़न

१२ मांग पत्र जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। प्रयागराज अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री नवीन नागर चतुर्वेदी ने स्थानियन पदाधिकारियों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सरकार तीर्थ पुरोहितों,ब्राह्मणों,व पुजारियों पर हो रहे उत्पीड़न का विरोध किया। वार्ता में महासभा द्वारा तीर्थ एवं तीर्थ पुरोहितों के हितार्थ १२ मांग पत्र कार्यालय जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री ज्ञापन सौंपा गया।
श्री नागर जी ने कहा प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार के द्वारा ब्राह्मणों तीर्थ पुरोहितों एवं पुजारियों पर कुठाराघात किया जा रहा है। जिसका अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा कड़ी निन्दा करती है । वर्तमान सरकार द्वारा तीर्थ स्थलों व मंदिरों का जबरदस्ती अधिग्रहण किया जा रहा है। जो सनातनी संस्कृति परम्पराओं मूल्यों व धार्मिकता पर प्रहार है। गंगा जी यमुना जी की अविरलता निर्मलता व निर्बाध धारा के लिए सरकार द्वारा अब कोई भी कार्य नहीं किया गया। लाखों करोड़ों खर्च के बाद भी गंगा यमुना की दशा जस की तस बनी है। सरकार द्वारा कागजी घोड़े दौड़ा कर विकास और गंगा निर्मलीकरण की गाथा एक छलवा है। करोना काल में लागू लाक डाउन की वजह से तीर्थ यात्रियों का आवागमन बंद हो जाने से तीर्थ पुरोहितों पुजारियों ब्राह्मणों व पण्डों की माली हालत पर खासा प्रभाव पड़ा है। राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री रामकृष्ण तिवारी ने कहा सरकार द्वारा समस्त तीर्थों में स्थलों का अधिग्रहण एवं श्राइन बोर्ड बनाकर तीर्थ पुरोहितों का उत्पीड़न व दोहन किया जा रहा है। महासभा के राष्ट्रीय महासचिव चन्द्रनाथ चकहा मधु जी ने कहा कि तीर्थ पुरोहितों के द्वारा सरकार से विकास निगम की स्थापना की मांग विगत कई सालों से की जा रही है। लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई जो तीर्थ पुरोहितों के नैतिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा प्रयागराज में प्रयागवाल तीर्थ पुरोहित के संगम क्षेत्र में प्रयागवाल तख्त को संगम क्षेत्र से हटाने से रोकने में स्थानिय फूलपुर सांसद श्रीमती केशरी देवी का आभार जताते हुए कहा कि तीर्थ पुरोहितों का उनके तख्त/घाट से ही उनके परिवार का जीवकोपार्जन होता है। उन्होंने सांसद जी से आग्रह किया है कि उक्त मामले का स्थाई समाधान हेतु आगे की कार्यवाही भी पूरी करें। ताकी इसका हमेशा के लिए निदान हो सके। उन्होंने कहा कि सांसद द्वारा कहा गया है कि वो दिल्ली से लौटकर महासभा के पदाधिकारियों के साथ बैठक करके मामले की आगे की कार्यवाही बढाने का अस्वाशन दिया है। अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा एवं प्रयागराज के स्थानिय राष्ट्रीय पदाधिकारी सरकार से यह मांग करते हैं कि तीर्थ पुरोहितों को नगरीय विकास के लिए स्थापित समितियों में भी शामिल किया जाय। प्रयागराज में होने वाले आगामी माघ मेला वर्ष २०२१ के लिए सरकार एक नई गाइड लाइन जारी करके मेले को विस्तार रुप दे अधिक से भूमि तीर्थ पुरोहितों को उपलब्ध हो क्योंकि आने वाले तीर्थ यात्री व कल्पवासी तीर्थ पुरोहितों के ही शिविर में रहकर एक माह धार्मिक कृत्य कल्पवास करते हैं। उन्होंने कहा कि इस अगले वर्ष होने वाले माघ मेले में संस्थाओं को भूमि न दी जाय। केवल संत महात्मा और कल्पवासियों की व्यवस्था सरकार करे। राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य श्रवण कुमार शर्मा ने कहा तीर्थ पुरोहितों पुजारियों पण्डों से धार्मिक आयोजनों के ऊपर जजिया कानून के अंतर्गत टैक्स वसूली करने का कानून सरकारें निरस्त करें। राष्ट्रीय मंत्री माधवानंद शर्मा ने कहा बंगाल सरकार के द्वारा ब्राह्मणों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की तर्ज पर उत्तर प्रदेश सहित पूरे भारत वर्ष में भी समस्त तीर्थों के तीर्थ पुरोहितों को भी आर्थिक सहायता प्रदान की जाय। राष्ट्रीय प्रवक्ता अमित राज वैध ने सभी पदाधिकारियों का परिचय देते हुए प्रदेश सरकार से मांग किया अभी भी समय है सरकार हजारों वर्षों की परम्परा को समाप्त करने की योजना बंद करें तीर्थ के विकास के लिए तीर्थ से जुड़े तीर्थ पुरोहितों के अनुसार तीर्थ का विकास करें । यदि सरकारें हमारी मांगों को नहीं मानती तो अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्र व उत्तर प्रदेश के विपक्षी पार्टीयों के राष्ट्रीय अध्यक्षों से मिलकर उन्हें अपनी समस्याओं को अवगत कराकर उनके माध्यम से उच्च सदन लोकसभा व विधानसभा में अपने आदरणीय सांसदों और विधायकों के माध्यम से तीर्थ व तीर्थ पुरोहितों के मुद्दे को उठाए। । उक्त अवसर पर हरिजगन्नाथ शास्त्री हीरामणि भारद्वाज रामानंद शर्मा संजय चतुर्वेदी पवन पांडेय अनिल मिश्रा विनोद चतुर्वेदी मनोज शर्मा प्रदीप पाठक उपस्थित रहे।

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