
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। कोरोना काल में भी उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिलाने में रिकॉर्ड बनाया है।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2021 के लिए करीब 55 लाख से अधिक ने फार्म भरा है।
वहीं, कक्षा 9 व 11 में भी 48 लाख 75 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया है। यह कार्य तब किया गया है जब कोविड-19 के कारण कॉलेज अब तक नहीं खुल सके हैं।
इतना जरूर है कि बोर्ड को इस मुकाम तक पहुंचने के लिए पिछले वर्षों की अपेक्षा समय अधिक लगा है और पंजीकरण के लिए दो बार समय बढ़ाना पड़ा।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने 28 हजार से अधिक संबद्ध कॉलेजों में कक्षा 9 से लेकर 12वीं तक प्रवेश दिलाने के लिए सात जुलाई को प्रक्रिया शुरू की थी।
इसके बाद पांच अगस्त और फिर 10 सितंबर को दाखिले की मियाद बढ़ानी पड़ी। 30 सितंबर तक विलंब शुल्क के साथ प्रवेश पाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
कक्षा 9 में 26 लाख 50 हजार 687 व कक्षा 11 में 22 लाख 25 हजार 150 सहित कुल 48 लाख 75 हजार 837 ने प्रवेश लिया है।
इसी तरह से हाईस्कूल परीक्षा 2021 के लिए 29 लाख 63 हजार 687 संस्थागत, 18 हजार 64 व्यक्तिगत सहित कुल 29 लाख 81 हजार 751 ने परीक्षा फार्म भरा है।
ऐसे ही इंटरमीडिएट परीक्षा 2021 के लिए 24 लाख 80 हजार 564 संस्थागत व 72 हजार 822 व्यक्तिगत सहित 25 लाख 53 हजार 386 ने परीक्षा फार्म भरा है।
हाईस्कूल व इंटर में कुल परीक्षार्थियों की संख्या 55 लाख 35 हजार 137 हो गई है।
अब वेबसाइट पर अपलोड छात्र-छात्राओं के विवरण की जांच होगी, इसमें नए अभ्यर्थी का नाम नहीं जोड़ा जाएगा, बल्कि अभिलेखों में माता-पिता के नाम, जन्म तारीख आदि की सूचनाएं दुरुस्त की जाएंगी। छह अक्टूबर से उसमें संशोधन किया जा सकेगा।
चार लाख 52 हजार 536 कम रू यूपी बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि इस वर्ष दाखिला लेने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या पिछले वर्ष की अपेक्षा चार लाख 52 हजार 536 कम है। इसमें कमी आने की वजह प्रवेश में बरती गई सख्ती है। गलत अभिलेख के आधार पर प्रवेश नहीं दिया गया और जिस कॉलेज की धारण क्षमता जितनी थी, उतने छात्रों को ही प्रवेश मिला है।