इमाम हुसैन का चेहलूम 8 अक्तूबर को: शहर क़ाज़ी मुफ्ती शफीक़ अहमद शरीफी ने किया ऐलान

( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार ) । माहे मोहर्रम की उनतिस को सफर उल मुरज्जब के चाँद की तसदीक़ न होने से इमाम हुसैन के चेहलूम को लेकर भ्रम था जिसे शहर काज़ी ने राजस्थान से फतेहपूर और फतेहपूर से इलाहाबाद तक तसदीक़ कराई और आज यह ऐलान किया की हजरत इमाम हुसैन का चेहलूम 8 अकतूबर जुमेरात को मनाया जाएगा।

शहर क़ाज़ी मुफ्ती शफीक़ अहमद शरीफी ने किया ऐलान

प्रयागराज के क़ाज़ीये शहर मुफ्ती शफीक़ अहमद शरीफी ने प्रेस नोट के ज़रीये यह इत्तेला क़ौमो मिल्लत को साझा करते हुए इसलामिक माह सफर उल मुरज्जब के चाँद की तसदीक़ करते हुए चेहलूम की तारीख का ऐलान कर दिया।

वहीं उम्मुल बनीन सोसाईटी के महासचिव सै०मो०अस्करी ने ओलमाओं के हवाले से बताया की शिया समुदाय में पहले ही चाँद की तसदीक़ हो गई थी और हज़रत इमाम हुसैन के चेहलूम से पहले दस दिवसीय अशरा शुरु हो चूका है ।

घरों व अज़ाखानों मे मजलिसे हो रही हैं।इस वर्ष सरकार और ज़िला प्रशासन की तरफ से चेहलूम के जुलूस उठाने पर कोई गाईड लाईन नही आने से भ्रम बना हुआ है ।चेहलूम जुलूस इन्तेज़ामिया कमेटी की ओर से अभी यही फैसला हुआ है की परमिशन न मिलने की सूरत में चेहलूम मे शामिल अलम ,ताबूत,ज़ुलजनाह,ताज़िया,आबिदे बीमार का बिस्तर,हज़रत अली असग़र का झूला समेत सभी शबीहों को फूलों से सजा कर इमामबाड़े में रखा जाएगा।

इमामबाड़े के अन्दर सोशल डिस्टेन्सिन्ग के साथ मास्क लगा कर लोगों का प्रवेश कराया जायगा जहाँ लोग ज़ियारत करने के उपरान्त इमामबाड़े से बाहर निकल जाएँगे।इमामबाड़े मे मजलिस होगी और वहीं पर मातमी अन्जुमने नौहा और मातम का नज़राना पेश करेंगी।

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