
( आनंत पांडे ) प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार )। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में गल्र्स हास्टल में अपने-अपने घर से वापस रहने आईं छात्राओं को विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्रावास में जाने की अनुमति नहीं दी गई तो उनमें से कुछ छात्राएं कुलपति कार्यालय के सामने ही धरने पर बैठ गईं।
हिरासत में लिए गए पांच छात्राएं व तीन छात्र
कुलपति प्रो. आरआर तिवारी समेत रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ल, वित्त अधिकारी डॉ. सुनील कांत मिश्र, चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके उपाध्याय, डीएसडब्ल्यू प्रो. केपी सिंह और सुरक्षा अधिकारी अजय प्रताप सिंह कुलपति कार्यालय में फंसे रहे।
सुबह नौ बजे से धरने भर बैठी छात्राएं जब देर रात तक नहीं हटी तो इविवि प्रशासन की ओर से पुलिस को बुलाया गया। एसपी सिटी की मौजूदगी में पुलिसकर्मियों ने पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह समेत धरने पर बैठीं पांच छात्राओं एवं तीन छात्रों शरद शंकर, सत्यम कुशवाहा और अनीश यादव को हिरासत में ले लिया। इससे पूर्व पूरे दिन विश्वविद्यालय प्रांगण में उठापठक मची रहीं। धरने पर बैठीं छात्राओं का आरोप है कि हम सभी दूसरे जिलों में रहते हैं। 15 अक्तूबर से हॉस्टल खुल रहे हैं, ये सुनकर विश्वविद्यालय आ गए। यहां जब आए तो हमें छात्रावास में जाने ही नहीं दिया जा रहा है। इस बारे में कुलपति, रजिस्ट्रार से बात की तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह धरने पर बैठी छात्राओं के समर्थन में शाम को विश्वविद्यालय पहुंची। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कुलपति से बात की और उनसे कहा कि छात्राओं को महिला छात्रावास में क्यों नहीं जाने दिया जा रहा है। जबकि ब्वॉयज हॉस्टल में लड़के रह रहे हैं। ऋचा ने आरोप लगाया कि इस सम्बंध में कुलपति का जवाब बेतुका है। वो कह रहे हैं कि हम लड़कों को नहीं रोक सके, लेकिन लड़कियों को रोक सकते हैं। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ने कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन के छात्र-छात्राओं के लिए दोहरे रवैये पर आक्रोश व्यक्त करते हुये कहा कि वह एमएचआरडी का पत्र लिखकर कर कुलपति के दोहरे रवैये के खिलाफ लिखित शिकायत करेंगी।