
( विनय कुमार मिश्रा ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। श्री कटरा राम लीला कमेटी प्रयागराज द्वारा आयोजित समपुर्ण रामायण की राम कथा में राम कथा की लीला प्रारंभ हुई मारीच सर्वण हीरन के रुप में माता सीता के सामने कुलाचे मारते हुए श्री राम की कुटिया के सामने बार बार आता है माता सीता उसे देख कर मोहित होती है ओर उसे पकड़ने की जिद्द करतीहै श्री राम लक्ष्मण जी को सीता की रक्षा करने का र्निदेश देते हुए हिरन के पिछे जाते हैं काफी दुर पीछा करते हुए तीर चलाया ओर मारीच सर्वण हिरन मारा जाता है मरने से पहले राम की आवाज में हाय लक्ष्मण चिल्ला ता है सीता ने लक्ष्मण को राम को बचाने के लिए जिद्द किया लक्ष्मण जी माता सीता को कुटिया के आगे रेखा खींच कर कहता है इस रेखा के बा हर निकलिये गा उधर रावण माता सीता का साधु भेष में हरण् कर लेते हैं । राम लक्ष्मण वापस आते हैं सीता को नहीं पाने पर खोज में निकलते हैं । रावण का दरबार लगा हुआ है गाना होता है अभिनंदन अभिनंदन सुर्पनखा आती है ओर अपने अपमान वनाक काटने की बात बताती है
सीता को खोजते हुए श्री राम माता शबरी के आश्रम में पहुँच जाते हैं शबरी उन्हें आगे बताते हुए सुग्रीव से मिलने के लिए कहतीं है बाली मारा जाता है
हनुमान जी से श्री राम का मिलन हो ता है इससे पूर्व मुख्य अतिथि पुर्व मत्री डा० नरेंद्र कुमार सिंह गोर व भाजपा के जिलाध्यक्ष
गणेश केसरवानी व कमेटी के पदाधिकारियों ने श्री रामयण जी की आरती पुजन किया ।