दस्तावेजों की होगी फोरेंसिक जांच, रेलवे की ग्रुप डी परीक्षा में फर्जीवाड़े का मामला

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। पिछले साल रेलवे की ग्रुप डी की परीक्षा में फर्जीवाड़ा कर पास हुए चार अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच होगी।

रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ ने संदेह के घेरे में आए 66 अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच पूरी कर ली है। जांच में 39 अभ्यर्थियों के दस्तावेज सही पाए गए। वहीं 27 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में गड़बड़ी की।

रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ ने जांच के लिए 66 अभ्यर्थियों को बुलाया था। तीन दिन तक चली जांच में 27 अभ्यर्थियों के स्थान पर लिखित और या शारीरिक परीक्षण में किसी और ने भाग लिया।

जांच में 15 अभ्यर्थी नहीं आए। आठ अभ्यर्थियों ने परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने की बात स्वीकार कर ली। चार अभ्यर्थियों के कागजात, हस्ताक्षर, अंगूठे के निशान आदि की फोरेंसिक जांच होगी।
दिसंबर 2018 में लिखित और फरवरी 2019 में शारीरिक परीक्षा हुई थी।

दोनों परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के सभी दस्तावेज और अन्य जांच का निर्णय लिया गया था। प्रारंभिक जांच में 66 संदिग्ध मिले हैं। आरआरसी चेयरमैन के मुताबिक जो दस्तावेजों का सत्यापन कराने के लिए व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित नहीं हुए और जिन्होने फर्जीवाड़ा करने की बात स्वीकार कर ली उनको डिबार कर दिया गया है।

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