
वेब डेस्क। कांचीपुरम मठ के 82 वर्षीय शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती नहीं रहे. वे काफी दिनों से बीमार चल रहे थे. उन्हें सांस लेने की तकलीफ के चलते बुधवार को कामाक्षी अम्मान हॉस्पिटल के नजदीक एक हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया था.
वे 1994 में कांची कामाकोटी पीठम मठ के 69वे शंकराचार्य बनाए गए थे. इस साल जनवरी में भी तबियत खराब होने के कारण उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था.
मंदिर के प्रबंधक की हत्या का लगा था आरोप
जयेंद्र सरस्वती पर 2004 में अपने ही वरदराजपेरूमल मंदिर के प्रबंधक शंकररमण की हत्या का आरोप लगा था. हालांकि, 9 साल तक चले मामले के बाद कोर्ट ने 2013 में उन्हें बरी कर दिया था. आरोप था कि जयेंद्र सरस्वती के इशारे पर मंदिर परिसर में 3 सितंबर 2004 को उनकी हत्या कर दी गई. अदालत ने फैसले में कहा कि हत्या का उद्देश्य साबित न हो पाने के कारण आरोपियों को दोषी नहीं माना जा सकता. सुनवाई के दौरान मामले के 189 में 80 गवाह अपने बयानों से मुकर गए थे.