अंतरजनपदीय स्थानांतरण आवेदन रद करने का मामला
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा है कि किसी विभागीय कार्यवाही के विरुद्ध दाखिल विभागीय अपील के लंबित रहते यह कहा जा सकता है कि विभागीय कार्यवाही लंबित है। साथ ही इस आधार पर कर्मचारी का स्थानांतरण रोकना रोकना गलत है। इसी के साथ कोर्ट ने परिषदीय प्राथमिक विद्यालय में नियुक्त अध्यापिका का अंतरजनपदीय स्थानांतरण का आवेदन इसी आधार पर रद्द करने का बीएसए प्रयागराज का आदेश खारिज कर दिया है। कोर्ट ने अध्यापिका के आवेदन को पुनस्र्थापित करते हुए बीएसए को उस पर चार सप्ताह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने गौरी सिंह की याचिका पर दिया है। याची के अधिवक्ता नवीन कुमार शर्मा का कहना था कि याची ने दो दिसंबर 2019 की स्थानांतरण नीति के तहत अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए आवेदन किया था। बीएसए प्रयागराज ने उसका आवेदन यह करते हुए रद्द कर दिया कि याची के खिलाफ विभागीय कार्यवाही लंबित है। अधिवक्ता का कहना था कि वास्तविकता यह है कि याची के खिलाफ विभागीय कार्यवाही 22 नवंबर 2018 को पूरी हो गई है। बीएसए ने उसका एक इन्क्रीमेंट भी रोक दिया है। इस आदेश के खिलाफ याची ने विभागीय अपील दाखिल की है, जो लंबित है। बीएसए ने अपील लंबित रहने को विभागीय कार्यवाही मानते हुए याची का आवेदन निरस्त कर दिया है।