एएमयू के प्रोफेसर की याचिका खारिज भाजपा विधायक मामले में हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के प्रोफेसर बृजभूषण सिंह सहित 12 प्राक्टोरियल व फैकल्टी स्टाफ के खिलाफ सीजेएम अदालत में चल रहे आपराधिक मुकदमे को रद्द करने की मांग में दाखिल याचिका खारिज कर दी है। इनपर खरौली के भाजपा विधायक की पार्टी का झंडा लगी कार विश्वविद्यालय परिसर में लाने पर ड्राइवर को बंधक बनाने, झंडा उतारने को बाध्य करने व गाली-गलौज करने का आरोप है।

कोर्ट ने कहा कि यह निर्विवाद तथ्य है कि याची मौके पर मौजूद थे। गाली दी या नहीं, यह केस के विचारण के समय प्रस्तुत होने वाले साक्ष्यों पर तय होगा। निचली अदालत ने न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग नही किया है। ऐसे में मामले में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता।
यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने प्रोफेसर बृजभूषण सिंह व अन्य की याचिका पर दिया है। मामले के तथ्यों के अनुसार 22अक्तूबर 2019 को विधायक दलवीर सिंह के पोते विजय कुमार सिंह को लेने उनका ड्राइवर गुड्डू सिंह विश्वविद्यालय परिसर में कार लेकर गया। कार पर भाजपा का झंडा लगा था।विश्वविद्यालय कैंपस में किसी पार्टी का झंडा लगाकर वाहन लाने पर बैन है। इस कारण याचियों ने कार रोक ली और झंडा उतारने को विवश किया तथा गाली-गलौज की। जिसकी एफआईआर सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराई गई।
विवेचना के बाद पुलिस ने याचियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। 23 जनवरी 2020 को चार्जशीट एवं आपराधिक मुकदमे को रद्द करने की मांग में यह याचिका दाखिल की गई थी। याचियों का कहना था कि उन्होंने गाली नहीं दी। वे झंडा लगाकर परिसर में वाहन लाने पर रोक का पालन करा रहे थे। उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि ट्रायल के अधिकार को रोका नहीं जा सकता।

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