ठंड में कहर बरपा सकता है कोरोना

सांस के मरीजों के लिए कोरोना सबसे घातक

अंगीठी या अलाव से रहें दूर, धुआं खतरनाक

( अनंत पांडे )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। ठंड बढऩे लगी है। ऐसे में कोरोना और घातक हो सकता हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान कम होने से वायरस के रेप्लिकेट और ट्रांसमिशन की दर बढ़ जाती है। इस मौसम में सीओपीडी (क्रानिक आब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) यानी सांस के मरीजों के लिए कोरोना सबसे घातक है। ठंड में यदि सीओपीडी का मरीज कोरोना की चपेट में आ गया तो यह उसके लिए और ज्यादा घातक हो सकता है। कोरोना वायरस से अब तक हुई मौतों में से लगभग 65 फीसद में देखा गया है कि उसकी मौत श्वसन तंत्र फेल होने के कारण हुई है।
स्वरूपरानी नेहरू कोविड अस्पताल में तीसरी बार कोरोना मरीजों के इलाज में लगे डॉ. शिवेंदु ओझा बताते हैं अस्पताल में भर्ती कोरोना के उन मरीजों को ज्यादा तकलीफ है जो पहले से ही सास संबंधी बीमारियों से परेशान हैं। ऐसे मरीजों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। फेफड़ा रोग विशेषज्ञ डॉ. तारिक महमूद ने एहतियात बरतने की सलाह देते हुए बताया कि सीओपीडी के मरीजों को 10 डिग्री से कम तापमान पर सांस लेने में परेशानी हो सकती है। अंगीठी या अलाव से दूर रहें क्योंकि यह धुआं बहुत ज्यादा खतरनाक होता है।

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