एक माह पहले दुल्हन के पिता की हो गई थी मौत
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। एक परिवार की खुशी मातम में बदल गई। पौत्री की बरात आई थी और रिटायर्ड शिक्षक की मौत हो गई।
किसी तरह रात में शादी कराई गई और सुबह डोली विदा होते ही अर्थी उठाई गई।
सराय ममरेज थाना क्षेत्र के बरियावा गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक लोलारक नाथ तिवारी (75 वर्ष) के इकलौते बेटे अरुण तिवारी (45 वर्ष) की 10 नवंबर को तबीयत खराब हो गई। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज शुरू हुआ था, उनकी सांस थम गई थी।
उधर, अरुण की बेटी डिंपल की शादी भी तय हो गई थी। एक दिसंबर को बरात की तैयारी चल रही थी। किसी तरह फिर से गमगीन माहौल में शादी की तैयारी शुरू हुई।
मंगलवार को जौनपुर जनपद के मडिय़ाहू थाना क्षेत्र के भवनाथपुर गांव निवासी धर्मेंद्र पांडेय अपने पुत्र मनीष पांडेय की बरात लेकर आए। द्वारचार के बाद शादी भी शुरू हो गई। तभी लोलारक नाथ तिवारी की अचानक तबीयत बिगड़ी और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई।
जब कन्यादान के लिए लोलारक को घर के लोग बुलाने गए तो अंदर दृश्य देख पैरों तले जमीन खिसक गई। किसी तरह रात में ही शादी की रस्म पूरी कराई गई।
बुधवार सुबह पहले रिश्तेदारों ने किसी तरह डिंपल की डोली विदा की फिर बाद में शिक्षक की अर्थी निकाली। इकलौते नाबालिग पौत्र गौरव ने नम आंखों से अपने दादा को मुखाग्नि दी।