गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव में यह है बुआ भतीजे का गणित

राजनीतिक डेस्क।  जिस तरह से यूपी की दो लोकसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव को बीजेपी, सपा ने नाक का सवाल बना दिया गया है उससे तो कम से कम यही लगता है कि, देश की राजनीति का रास्ता यूपी से हो कर ही जाता है। मोदी की लहर ने जिस तहर से एक के बाद एक राज्यों में भगवा फहराने का काम किया है उससे विपक्ष भयक्रांत हो गई है। इसका एक उदाहरण इस उपचुनाव में भी देखने को मिल रहा है। 23 साल से राजनीति में सपा—बसपा के बीच चूहे बिल्ली की ​दुश्मनी को एक झटके में इस लहर ने खत्म कर दिया। हालांकि यह कहना गलत नहीं होगा कि अगर इस गठबंधन के वोटरों ने अपनी परंपरागत पार्टी पर ही विश्वास दिखाया तो बीजेपी की मुश्किल बढ़ सकती है। इतना ही नहीं 2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा को मिले वोट सपा कैंडिडेट को ट्रांसफर होते हैं तो भी बीजेपी के लिए दोनों सीटें जीतना असंभव हो सकता है। हालांकि अगर 2014 की मोदी लहर बरकरार रही तो यह मुमकिन बीएसपी सपा का यह करिश्मा नहीं दिखेगा। दोनों सीटों पर रविवार 11 मार्च को वोट डाले जा रहे हैं। नतीजे 14 मार्च को आएंगे।

कैसा है फूलपुर लोकसभा का गणित?
फूलपुर लोकसभा सीट में इलाहाबाद की 5 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें फूलपुर, इलाहाबाद उत्तरी, इलाहाबाद पश्चिमी, फाफामऊ और सोरांव शामिल हैं। 2017 विधानसभा चुनाव में ये पांचों सीटें बीजेपी गठबंधन के पास थीं। वहीं, अगर सपा और बसपा को 2017 में मिले वोटों को जोड़ दें तो बीजपी पांच में से चार विधानसभाओं में पीछे रह जाती है। सिर्फ इलाहाबाद उत्तरी सीट पर बीजेपी को बढ़त मिलती है। ये सीट सपा ने उस वक्त गठबंधन की सहयोगी कांग्रेस को दे दी थी।

फूलपुर में सपा-बसपा को 2017 में मिले वोटों को जोड़ दें तो क्या होगा?

विधानसभा सीट — बीजेपी+ को मिले वोट — सपा+बसपा को मिले वोट —  कौन आगे
फूलपुर            — 93,912                   —  1,17,720                      —  सपा+बसपा
फाफामऊ         — 83,239                   — 1,09,237                      —  सपा+बसपा
इलाहाबाद पश्चिमी — 85,518                — 1,00,681                     — सपा+बसपा
सोरांव                —  77,814                — 1,14,424                    — सपा+बसपा
इलाहाबाद उत्तरी   — 89,191               — 23,388                         — बीजेपी
टोटल                 — 4,29,674           — 4,65,450                      — सपा+बसपा

2014 लोकसभा चुनाव की लहर कामय रही तो सपा-बसपा गठबंधन बीजेपी से पीछे रहेगा

लोकसभा सीट — बीजेपी को मिले वोट— सपा+बसपा को मिले वोट — कौन आगे

फूलपुर — 5,03,564                      — 4,17,093                    — बीजेपी
फूलपुर में इस बार कैसा है मुकाबला?
बीजेपी उम्मीदवार— कौशलेंद्र सिंह पटेल, वाराणसी के मेयर रह चुके हैं।
सपा+बसपा का उम्मीदवार— नागेंद्र सिंह पटेल, सपा के मंडल अध्यक्ष हैं।
केशव का एहसान चुकाने लड़ रहे अतीक
निर्दलीय उम्मीदवार अतीक अहमद, सपा के टिकट पर सांसद रह चुके हैं, जेल से चुनाव लड़ रहे हैं, सपा के वोट काट सकते हैं। साल 2002 से लेकर 2007 तक हुए चार चुनावों में केशव मौर्य की उग्र हिन्दूवादी छवि के कारण मतों का ध्रुवीकरण हुआ और उसका सीधा लाभ अतीक़ अहमद या फिर उनके भाई को मिला। अब आज जब बीजेपी सत्ता में है और अतीक़ अहमद के ‘बुरे दिन’ चल रहे हैं तो केशव का एहसान चुकाने का उनके लिए ये अच्छा मौक़ा है। जिस तरीक़े से आख़िरी दिन सारी औपचारिकताएं पूरी करके अतीक़ अहमद ने नामांकन किया, वो बिना सरकारी मदद के संभव नहीं हो सकता। दूसरे, ये सबको पता है कि इससे फ़ायदा किसका होने वाला है।

कैसा है गोरखपुर लोकसभा का गणित?

गोरखपुर लोकसभा सीट में जिले की 5 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें गोरखपुर सदर, गोरखपुर रुरल, पिपराइच, कैम्पियरगंज और सहजनवा शामिल हैं। 2017 विधानसभा चुनाव में ये पांचों सीटें बीजेपी के पास थीं। वहीं, अगर सपा और बसपा को 2017 में मिले वोटों को जोड़ दें तो बीजपी पांच में से चार विधानसभाओं में पीछे रह जाती है। सिर्फ गोरखपुर सदर सीट पर बीजेपी को बढ़त मिलती है।
गोरखपुर में सपा-बसपा को 2017 में मिले वोटों को जोड़ दें तो क्या होगा?
विधानसभा सीट — बीजेपी+ को मिले वोट — सपा+बसपा को मिले वोट — कौन आगे
गोखरपुर सदर   — 1,22,221         — 85,788         — बीजेपी
गोरखपुर रूरल  — 83,686         — 1,09,373         — सपा+बसपा
कैम्पियरगंज   — 91,636         — 98,025         — सपा+बसपा
पिपराइच        — 82,739         — 1,20,961         — सपा+बसपा
सहजनवा        — 72,213         — 1,10,979         — सपा+बसपा
टोटल         — 4,52,495         — 5,25,126         — सपा+बसपा
2014 लोकसभा चुनाव में सपा, बसपा के वोट मिलाकर भी बीजेपी से कम?

लोकसभा सीट — बीजेपी को मिले वोट — सपा+बसपा को मिले — वोट कौन आगे
गोरखपुर         — 5,39,127   — 4,02,756     — बीजेपी

गोरखपुर में इस बार कैसा है मुकाबला?
बीजेपी उम्मीदवार — उपेंद्र दत्त शुक्ल
सपा+बसपा का उम्मीदवार — प्रवीण निषाद
पिछली बार कौन जीता — योगी आदित्यनाथ, बीजेपी
साथ आने के बाद भी संशय बरकरार
बसपा और सपा के एक साथ आने से जहां इन दोनों दलों के नेताओंं की उम्मीदें जाग गई हैं, लेकिन कार्यकर्ताओं में जोश नदारद है। इसका कारण बताया जा रहा है कि यह कांशीराम और मुलायम सिंह यादव वाला गठबंधन नहीं है, बल्कि अब हर कदम फूंक-फूंक कर रखा जा रहा है। इस समर्थन में संशय, झिझक और भय बरकार है जिसका फायदा दोनों ही सीटों पर बीजेपी को मिल सकता है।
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