कागजों में कूटरचना कर 109.85 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला
अपर मेलाधिकारी कुंभ मेला ने दारागंज थाने में दर्ज कराई एफआईआर
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। लल्लू जी एंड संस समेत 11 लोगों पर अपर मेलाधिकारी कुंभ मेला की ओर से दारागंज थाने में 109.85 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें भुगतान के लिए मेला प्राधिकरण के कर्मचारियों के हस्ताक्षरों की कूटरचना कर दस्तावेजों को तैयार करने के आरोप लगाए गए हैं। मामले की जांच अब पुलिस करेगी।
अपर मेलाधिकारी कुंभ मेला दयानंद प्रसाद ने तहरीर में बताया है 15 जनवरी 2019 से शुरू हुए कुंभ मेले की तैयारी के लिए टेंट, टीन व फर्नीचर की आपूद्दत को मेसर्स लल्लू जी एंड संस को ठेका मिला था। उक्त सामानों को किराए पर देने के लिए प्राधिकरण व मेसर्स लल्लू जी एंड संस (एजेंसी) के बीच 16 नवंबर 2018 को अनुबंध हुआ। मेसर्स लल्लू जी एंड संस द्वारा प्रस्तुत किए गए अभिलेखों में दस साझेदार थे। एजेंसी द्वारा 1.96 करोड़ रुपये के बिल 27 फरवरी 2019 से छह जुलाई 2019 के बीच दिए गए। इसमें 86.38 करोड़ रुपये के बिल जांच में सही मिले, जबकि अन्य बिलों के संबंध में प्राधिकरण द्वारा आपत्ति लगाते हुए एजेंसी को नोटिस दी गई। कहा गया है कि 109.85 करोड़ का अनुचित लाभ लेने व राजकोषीय धन को क्षति पहुंचाने के उद्देश्य से यह जाली दस्तावेज तैयार किए गए। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की है। दरअसल यही फर्म संगम की रेती पर बसने वाले हर मेले में टेंट और अन्य सुविधाएं मुहैया कराती रही है। 1920 में पहली बार संगम तट पर लल्लू जी एंड संस ने तंबुओं का शहर आबाद किया था। इससे पहले यहा संत-महात्मा और कल्पवासी घास, फूस या पुआल की झोपड़ी बनाकर भजन-कीर्तन और पूजन करते थे। लल्लूजी एंड संस की चौथी पीढ़ी चौथी पीढ़ी इस कारोबार से जुड़ी है।