हत्या मामले में छह को उम्रकैद की सजा झूंसी में पांच साल पहले दंपती की हत्या का मामला

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। जिले में झूंसी में करीब पांच साल पहले हुई राम सजीवन और उसकी पत्नी शांति देवी की हत्या में अभियुक्त भुवर, लिटिल, देवी लाल, रामू, बड़े और कुलदीप को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अपर जिला जज पूनम निगम की कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया है। शुक्रवार को यह फैसला सुनाए जाने के बाद सभी मुजरिमों को नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया गया। एक अभियुक्त बनवारी लाल की मौत हो गई है। इसलिए उसके खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी गई।

यह सनसनीखेज वारदात चार जनवरी 2015 को झूंसी में हुई थी। एफआईआर के मुताबिक, रामसजीवन और उसकी पत्नी शांति देवी रात 10 बजे भोजन कर सोने चले गए। इसी दौरान अभियुक्त उनके घर में घुसे और लोहे की रॉड व लाठी से पीटकर रामसजीवन मार डाला। शोर मचाने पर पत्नी शांति को भी बेरहमी से पीटा। अस्पताल ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया।
अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि के निर्देशन में सहायक शासकीय अधिवक्ता राहुल मिश्रा ने 11 गवाहों को पेश कर आरोप साबित किया। बचाव पक्ष की ओर से फर्जी ढंग से फंसाने की बात कही गई। शासकीय अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि भुवर की बहन को रामसजीवन का बेटा बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। इसी रंजिश में अभियुक्तों ने एकराय होकर दंपती की हत्या की थी।

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