मुंबई। अनेक अटकलों को खारिज करते हुए सुरेश जोशी उर्फ भैयाजी जोशी को लगातार चौथी बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का सर कार्यवाह (महासचिव) चुन लिया गया है।
मीडिया से बात करते हुए भैयाजी जोशी ने कहा कि राम मंदिर बनना तय है वहां दूसरा कुछ नहीं बन सकता लेकिन प्रक्रिया से जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि न्यायालय के निर्णय के बाद मंदिर निर्माण का कार्य शुरू होगा। उन्होंने कहा कि राममंदिर पर अाम सहमति बनाना अासान काम नहीं है, लेकिन जो प्रयास हो रहा है उसका हम स्वागत करते हैं।
हाल के वर्षो में इस पद पर इतने लंबे समय तक रहने वाले वह एचवी शेषषाद्रि के बाद दूसरे व्यक्ति होंगे। शेषाद्रि वर्ष 1987 से 2000 तक सरकार्यवाह रहे थे।
भैयाजी जोशी वर्ष 2009 से इस पद पर हैं। जोशी का पुनर्निर्वाचन नागपुर में चल रही संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के दूसरे दिन किया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख यानी सरसंघचालक के बाद यह सबसे महत्वपूर्ण पद होता है। रविवार को जोशी अगले तीन वर्षो के लिए अपनी नई टीम का चयन करेंगे।
सर कार्यवाह का चुनाव शनिवार को एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत संपन्न हुआ। कयास लगाए जा रहे थे कि इस बार भैयाजी जोशी के स्थान पर कर्नाटक मूल के दत्तात्रेय होसबोले को सर कार्यवाह चुना जा सकता है। होसबोले फिलहाल सह सरकार्यवाह की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
भैयाजी जोशी को पहली बार मार्च 2009 में सर कार्यवाह चुना गया था, जब तत्कालीन सरसंघचालक केएस सुदर्शन ने स्वास्थ्य कारणों से अपना पद छोड़ दिया था। उस समय सर कार्यवाह की जिम्मेदारी निभा रहे मोहन भागवत को सरसंघचालक चुना गया था और सह सरकार्यवाह की जिम्मेदारी निभा रहे भैयाजी जोशी को सर कार्यवाह बनाया गया था। वह संघ के अखिल भारतीय सेवा प्रमुख भी रह चुके हैं।
सर कार्यवाह पद पर भैयाजी जोशी के पुनर्निर्वाचन का एक अर्थ यह भी निकाला जा रहा है कि संघ अगले लोकसभा चुनाव से पहले अपने संगठन में कोई बड़ा बदलाव नहीं करना चाहता।