
( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। कुंभनगरी को बसाने में 109 करोड़ रुपए के फर्जी बिल बाउचर बनाने के मुकदमे की जांच दारागंज पुलिस ने शुरू कर दी है। इस हाईप्रोफाइल मामले में पुलिस पूरी तरीके से सतर्कता बरत रही है। इस मामले की जांच में पुलिस की कार्यशैली सीबीआई तरह से होगी।
गौरतलब है कि मेला प्राधिकरण के अपर कुम्भ मेला अधिकारी दयानंद प्रसाद ने बीते शुक्रवार रात लल्लूजी एंड संस और 10 अन्य नामजद के खिलाफ दारागंज थाने में फर्जीवाड़ा करके 109 करोड़ का बिल पास कराने की कोशिश करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि लल्लूजी एंड संस अपने सहयोगी कंपनियों की मदद से मेला प्राधिकरण के कर्मचारियों के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर रिसीविंग करा ली और फिर प्राधिकरण को नोटिस भेजकर झांसे में रखा। इस मामले की जांच दारागंज पुलिस कर रही है।
पुलिस सूत्रों की मानें तो अगर इस प्रकरण की जांच थाने की पुलिस को करनी पड़ी तो सीबीआई की तरह ही सभी आरोपियों को नोटिस भेजकर बयान के लिए बुलाया जाएगा। वीडियो कैमरा के सामने उनका बयान दर्ज होगा। सभी के हस्ताक्षर का मिलान कराया जाएगा। जिस कागजात पर आरोप है कि प्राधिकरण के कर्मचारियों का फर्जी हस्ताक्षर है उसकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। अभी तक दारागंज पुलिस ने इस मुकदमे में कोई प्रगति नहीं की है। न तो आरोपियों को बुलाकर पूछताछ की है और न ही मुकदमा दर्ज कराने वाले अफसरों से फर्जीवाड़े से संबंधित कोई साक्ष्य संकलन एकत्र किया है। पुलिस का कहना है कि मुकदमे के आधार पर तफ्तीश की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई होगी।