नहीं रोकी जा सकती पेंशन ग्रेच्युटी

सजायाफ्ता की ग्रेच्युटी रोकने या वापस लेने या वसूली का अधिकार

पुलिस उप निरीक्षक पद से सेवानिवृत्त याची को हाईकोर्ट से राहत

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि सेवानिवृत्ति के दिन यदि न्यायलय में आपराधिक केस नहीं चल रहा है तो कर्मी की पेंशन ग्रेच्युटी नहीं रोकी जा सकती। यदि सजा पा जाता है तो सिविल सर्विस रेग्यूलेशन 351के तहत सरकार को पेंशन ग्रेच्युटी रोकने या वापस लेने या वसूली करने का अधिकार है। महाराजगंज में पुलिस उप निरीक्षक पद से सेवानिवृत्त याची के खिलाफ आपराधिक मामले में पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट पेश की थी जो विचाराधीन थी। ऐसे में एसपी महाराजगंज द्वारा याची की पेंशन ग्रेच्युटी रोकने का आदेश देना गलत है।
कोर्ट ने याची को दो माह के भीतर पेंशन ग्रेच्युटी आदि के भुगतान करने का निर्देश दिया है और कहा है कि यदि भुगतान में देरी की गयी तो 12 फीसदी व्याज देना होगा। यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने मोहम्मद मजहर की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है। कोर्ट ने एस पी महाराजगंज के पेंशन ग्रेच्युटी रोकने के आदेश को रद्द कर दिया है।
मालूम हो कि याची जब कुशीनगर के जटहा बाजार थाने में नायब दरोगा था तो एस एच ओ ने 18 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी। काउन्टर ब्लास्ट में लक्ष्मी यादव ने भी याची व 4 अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी। पुलिस ने याची के पक्ष में फाइनल रिपोर्ट लगा दी जिसपर आपत्ति विचाराधीन है। याची महाराजगंज से उप निरीक्षक पद से सेवानिवृत्त हुआ। उसे पेंशन ग्रेच्युटी भुगतान का एसपी ने आदेश दिया किन्तु उसी दिन आदेश वापस ले लिया। पेंशन ग्रेच्युटी भुगतान पर आपराधिक केस तय होने तक रोक लगा दी। जिसे चुनौती दी गई थी।

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