
नैनी में लग रहा पंद्रह मिट्रिक टन क्षमता वाला बायोगैस प्लांट
( विनय मिश्रा )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। आपके किचन से निकलने वाला गीला कूड़ा बेकार नहीं जाएगा। इसे अगर नगर निगम की कूड़ा गाड़ी के हवाले कर दिया जाए जो इससे बिजली पैदा हो सकेगी। नगर निगम नैनी में ऐसा ही प्लांट लगाने जा रहा है। पंद्रह मिट्रिक टन क्षमता वाले बायोगैस प्लांट में बिजली पैदा की जाएगी। प्लांट से निकलने वाली बिजली से करीब पांच सौ स्ट्रीट लाइट रोशन होगी। प्लांट लगाने पर करीब छह करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नगर निगम ने तीसरी बार इसके लिए टेंडर जारी किया है।
आंकड़ों पर नजर डाले तो रोजाना शहर से 400 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है जिसमें 100 से 150 टन गीला कूड़ा घरों से रोज निकलता है। अन्य प्रकार के कूड़ों की तरह ही इसे भी बसवार प्लांट में भेजा जाता है और वहां इसका निस्तारण होता है। अब इस गीले कूड़े को अलग कर इसका इस्तेमाल बिजली पैदा करने में किया जाएगा। नगर निगम ने बायोगैस प्लांट लगाने के लिए नैनी में जगह का चयन किया है। यहां करीब दो बीघा जमीन का इस्तेमाल प्लांट लगाने में होगा।
नगर निगम के मुख्य अभियंता सतीश कुमार का कहना है कि पंद्रह मिट्रिक टन की क्षमता का बायो गैस प्लांट लगाया जाना है। नगर निगम लोगों के घरों से गीले कूड़े को इक_ा कर बायोगैस प्लांट में पहुंचाएगा। गीले कूड़े के साथ ही गोबर संबंधी कचरा भी प्लांट में इस्तेमाल किया जाएगा। अगले नौ से दस महीने में प्लांट शुरू कर दिया जाएगा। प्लांट से पैदा होने वाली बिजली से शहर की पांच सौ स्ट्रीट लाइट रोशन होगी।