प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार )। अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा प्रयागराज के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक राष्ट्रीय महासचिव चन्द्रनाथ चकहा मधु की अध्यक्षता में उनके आवास पर हुई। बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने प्रयाग में आयोजित आगामी माघ मेला में प्रयागवाल तीर्थ पुरोहित के प्रति मेला प्रसाशन के रुख पर चिंता व्यक्त किया है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य श्रवण कुमार शर्मा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी ने केवल तीर्थ यात्रियों कल्पवासियो एवं संत महात्माओं का ही इस वर्ष माघ मेला प्रबन्ध करने का आदेश जारी किया था। उसके आधार पर केवल संत महात्मा की व्यवस्था को प्रथम वरियता देते हुए। कल्पवासियो की सुविधा हेतु तीर्थ पुरोहित समाज को गंगा जी के निकट भूमि व सुविधाओं को देना प्रारंभ करना चाहिए परन्तु मेला प्रसाशन का रुख तीर्थ पुरोहितों के प्रति स्पष्ट नहीं दिख रहा है। क्योकि मेले में अन्य सभी बसने वाले आचार्य बाड़ा, दंडी बाड़ा, खाकचौक आदि को मेला प्रसाशन द्वारा उन सबको भूमि एवं सुविधाओं को जारी करने की तिथि भी जारी कर दिया गया है | परन्तु अभी तक मेला प्रसाशन ने कल्पवासियो की सुविधा हेतु प्रयागवाल तीर्थ पुरोहितों को इस वर्ष मेला प्रसाशन से जारी होने वाली सभी व्यवस्था एवं सुविधाओं के देने का समय तिथि निर्धारित नहीं कर रहा है। यह उचित नहीं है। माधवानंद शर्मा ने कहा कि कोरोना के इस वर्ष सूक्ष्म मेला करने की योजना प्रसासनिक अधिकारी बयान देते हैं।कल्पवासी 12 जनवरी से आना चाहते हैं। परन्तु मेला प्रसाशन के अनुसार उन्हें 25 के बाद मेला क्षेत्र में आने की सूचना लगातार यात्रियों को तीर्थ पुरोहितों के माध्यम से दी जा रही है। चन्द्रनाथ चकहा मधु ने कहा कि पूरे माघ मेला क्षेत्र में 80% तीर्थ यात्री कल्पवासी अपने अपने प्रयागवाल तीर्थ पुरोहितों के शिविरों में ही ठहरकर मास पर्यन्त अनुष्ठान करते हैं। ऐसे मे मेला प्रसाशन को चाहिए कि कोविड 19 के गाइड लाइन के अनुसार कल्पवासियो की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रयागवाल तीर्थ पुरोहितों को गंगा जी के निकट 50% अधिक भूमि व सुविधाएं दी जाय ताकी कोविड के नियम के अनुसार टेंटो में सोशल डिस्टेंस के साथ अन्य सुविधाएं भी भूमि के साथ ही जारी करे। अभी तक मेला प्रसाशन ने तीर्थ पुरोहितों को मिलनी वाली सुविधाओं पर कोई चर्चा नहीं किया। जल्द से जल्द प्रयागवाल तीर्थ पुरोहितों को भूमि आवंटन शुरू होना चाहिए। ताकी समय रहते तीर्थ पुरोहित प्रयागवाल अपने शिविरों को तैयार कर सकें. बैठक में संरक्षक हरि जगन्नाथ शास्त्री, रामकृष्ण तिवारी.अमितराज वैध. उदय चन्द मिश्रा श्रवण कुमार शर्मा माधवानन्द शर्मा. आनन्द त्रिपाठी. पवन शास्त्री. अनिल मिश्रा. प्रदीप पाठक. दिगम्बर चकहा. रजनीश तिवारी. सुरेश शर्मा. शम्भू शर्मा. सहित अन्य पदाधिकारी तीर्थ पुरोहित उपस्थित रहे।