
( विनय मिश्रा ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। सिविल लाइंस में रुपए दोगुना करने के नाम पर कई कंपनी खोलकर करोड़ों रुपए फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है।
नैनी के पीडि़त ने कोर्ट के आदेश पर पांच लोगों के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में 125 करोड रुपए हड़पने की एफआईआर दर्ज कराई है। मामला कई साल पुराना बताया जा रहा है। कई कंपनियों के नाम पर फर्जीवाड़ा किया गया है। सिविल लाइंस पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
नैनी के रहने वाले राजेंद्र कुमार मौर्या ने सिविल लाइंस थाने में पंजाब के प्रीतम सिंह, अमरजीत सिंह चीमा, गुरदीप सिंह, झांसी के राजीव कुमार निरंजन और उत्तम सिंह निरंजन के खिलाफ आईपीसी की धारा 406, 419 और 420 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि सिविल लाइंस में एक कंपनी खुली। कंपनी की तरफ से धन निवेश करने पर 6 साल में दोगुना और 7 वर्ष में ढाई गुना करने का ऑफर दिया गया। इस तरह सैकड़ों लोगों ने कुल 125 करोड़ का निवेश किया।
एफआईआर के मुताबिक, ठगी करने वालों ने गंगा कावेरी इंडिया लिमिटेड के नाम से 1998 में पहली कंपनी खोली। दूसरी कंपनी जीसी डेयरी लिमिटेड 30 मई 2000 में, तीसरी कंपनी जीसीए मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड 2005 में, चौथी कंपनी स्टार यूनाइटेड ट्रेडमार्क प्राइवेट लिमिटेड 2007 में, पांचवीं फौना डीजनरेशन प्राइवेट लिमिटेड और छठा ट्राईगो रिपेयरिंग एंड डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड आदि के नाम से सिविल लाइंस में खोली गई।
कंपनी की ओर से 27 लोग जुड़ कर अपने दोस्तों और सगे संबंधी को निवेश करने के लिए लाए। जब पैसा दोगुना होने का समय आया तो धीरे-धीरे करके एक कंपनी बंद हो गई। कंपनी के सीएमडी सरदार प्रीतम सिंह और डायरेक्टर अमरजीत सिंह, प्रमोटर राजीव सिंह गौतम सिंह करोड़ों की धोखाधड़ी की। अब अधिकारी उनकी बात नहीं सुनते और न ही पैसे लौटा रहे। पीडि़त ने अगस्त 2019 में सिविल लाइंस पुलिस से मदद करने की गुहार लगाई लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद पुलिस अधिकारियों से लिखित शिकायत की, लेकिन मुकदमा नहीं हुआ। आखिर में कोर्ट के आदेश पर ठगी का मुकदमा दर्ज हुआ है।