हनुमान मंदिर नहीं हटाए जाने की मांग को लेकर जनहित याचिका

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। हाई कोर्ट स्थित हनुमान मंदि पीडीए नगर निगम द्वारा हटाए जाने के विरोध में जहां पर अधिवक्ता गणों एवं भक्तों का विरोध जारी है।

वहीं पर हनुमान मंदिर नहीं हटाए जाने की मांग को लेकर एक जनहित याचिका एडवोकेट सुनीता शर्मा एवं तृप्ति वर्मा की ओर से अधिवक्ता श्री विजय चंद्र श्रीवास्तव एवं शरद चंद्र मिश्रा की ओर से कल माननीय उच्च न्यायालय की शीतकालीन बेंच में दाखिल किया गया है।

इसकी सुनवाई दिनांक 28/12/2020 को माननीय उच्च न्यायालय मैं मुख्य न्यायाधीश के बेंच में होना है। इस आशय की जानकारी देते हुए अधिवक्ता श्री विजय चंद्र श्रीवास्तव ने कहा है कि हाईकोर्ट के सामने और हनुमान मंदिर के दाएं बाएं पर्याप्त चौड़ी सड़क है यदि स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत 15 मीटर सड़क का चौड़ीकरण किया जाना है तो शहर के अंतर्गत हैं तमाम ऐसे सड़क है जो बहुत ही कम चौड़े हैं तथा सड़क के बीचो बीच गिरजाघर मंदिर वह मस्जिद बने हुए हैं प्रयागराज विकास प्राधिकरण पहले उन्हें तोड़े।

हाई कोर्ट स्थित हनुमान मंदिर सन 1936 का बना हुआ है जो अधिवक्ताओं व वाद कार्यों के लिए आस्था का केंद्र है और उसे तोड़ा जाना व नाले पर शिफ्ट किया जाना धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना है।

एडवोकेट सुनील जायसवाल ने कहा है कि प्रयागराज विकास प्राधिकरण किसी गहरी षड्यंत्र के अंतर्गत हनुमान मंदिर को शिफ्ट कर रही है एक बार प्राण प्रतिष्ठा हो जाने के बाद उसी मूर्ति का दोबारा प्राण प्रतिष्ठा नहीं किया जा सकता है स्मार्ट सिटी की पूरी रूपरेखा माननीय उच्च न्यायालय में प्रस्तुत करें।

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