( अनंत पांडे ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। आज तीर्थ पुरोहित गंगा महासभा के केन्द्रीय कार्यालय में प्रयागवाल सभा की बैठक संपन्न हुई। जिसमें मेला प्रशासन द्वारा पक्षपात पुर्ण रवैया के प्रति सामाजिक प्रतिनिधियों ने रोष व्यक्त किया। प्रयागवाल सभा के महामंत्री श्री धीरज कुमार शर्मा ने कहा कि प्रयागवाल सभा एकमात्र ऐसी संस्था हैं। जो कि मेला प्रशासन को लगान देकर भूमि प्राप्त करता हैं। माघ मेला का सबसे बड़ा उपभोक्ता प्रयागवाल समाज हैं।जो कि लगभग 650बिघा भूमि का लगान मेला प्रशासन को देता है। करीब 900 तीर्थप्रोहित उपभोक्ता मेला प्रशासन के रिकार्ड में दर्ज है। सबसे ज्यादा करिब 90% प्रतिशत कल्पवासी एवं तीर्थयात्री तीर्थपुरोहित के साथ रहकर अपना कल्पवास पुर्ण करते हैं। राजीव भारद्वाज ने कहा कि प्रत्येक वर्ष के भांति इस वर्ष भी सभी संस्थाओं को भूमि आवंटन शुरू कर दिया गया है। जिसके फलस्वरूप तीर्थपुरोहित समाज को बचीं खुची भूमी आवंटित होती हैं। जिससे कल्पवासी लोग बहुत परेशान होते हैं। बैठक की अध्यक्षता कर रहे स्यामजी मिश्रा (पुर्व अध्क्षक्ष) ने कहा कि प्रयागवाल समाज की अनदेखी करने से हम सभी प्रयागवाल मेला प्रशासन के सामने धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे । बैठक में प्रमुख रूप से लाल विरेन्द्र शर्मा (सदस्य माधमेला सलाहकार समिति) पं हिरामन भारद्वाज,विष्णु प्रोहा, सुरेश तिवारी, महेंद्र शर्मा, विवेकानंद शर्मा,भोले दुबे,अमितराज बैध, विमल पंडा, गोविंद तिवारी, दिनेश तिवारी, गोविंद मिश्रा, गोपाल पाठक, अनिल मिश्रा, डंडा गुरु, सतेन्द्र तिवारी,लाल पांडेय आदि सैकड़ों लोग बैठक में शामिल हुए।