
( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। जिले के गंगापार और यमुनापार में बिजली बिल को लेकर अफरा-तफरी है। कई गांवों में छह माह बाद रीडिंग हुई और भारी भरकम बिल उपभोक्ताओं को दे दिया गया। इस बिल ने इन छह माह में हुए भुगतान की कटौती भी नहीं की गई है।
बिजली महकमे ने छह माह बाद ली रीडिंग
नहीं हुई पहले किये गये भुगतान की कटौती
उपभोक्ता पुरानी रसीद और नया बिजली बिल लेकर अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। जुलाई माह में बड़ी संख्या में ग्रामीण इलाकों में बिजली विभाग ने मीटर लगवाए। मीटर लगाने के बाद अधिकांश ग्रामीणों को रसीद भी नहीं दिया गया। ग्रामीण प्रत्येक माह पांच सौ लेकर एक हजार का भुगतान भी करते थे। हालांकि, ये भुगतान रीडिंग से नहीं हो रहे थे, क्योंकि रीडिंग करने बिजली विभाग का कोई कर्मचारी उपभोक्ताओं के यहां पहुंच ही नहीं रहा था। पिछले दिनों यूपीपीसीएल के चेयरमैन अरविंद कुमार ने इसे लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई तो उन्होंने मीटर रीडिंग कर बिजली का बिल बनाने का निर्देश दिया। मीटर रीडर भी आनन-फानन उपभोक्ताओं के घर पहुंचे और रीडिंग के मुताबिक बिजली का बिल बनाकर दे दिया। किसी का बिजली बिल नौ तो किसी का 11 हजार से अधिक आया था। करछना के लखरावां में करीब दो हजार घरों में आठ माह पूर्व मीटर लगाए गए। लेकिन मीटर से घरों का कनेक्शन नहीं दिया गया। अब रीडर यहां पहुंचकर लोगों को अपने तरीके से बिजली का बिल दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मीटर चला नहीं और बिजली का बिल थमा दिया गया है। कुछ उपभोक्ताओं ने अब लखनऊ में बैठे मंत्री और अधिकारियों से शिकायत करनी शुरू कर दी है।