
हरिद्वार के कनखल स्थित शंकराचार्य मठ में स्वर्ण ज्योति महोत्सव का आयोजन
(अनुराग शुक्ला) हरिद्वार (अनुराग दर्शन समाचार) । ज्योतिष और द्वारिकाशारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज के ज्योतिषपीठ पर आसन्न होने के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में 50 कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में हरिद्वार के कनखल स्थित शंकराचार्य मठ में पहले स्वर्ण ज्योति महोत्सव का आयोजन किया गया। इस मौके पर शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती महाराज के शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि कोरोना का भय दिखाकर सरकार कुंभ का स्वरूप हल्का करना चाहती है। उन्होंने हरिद्वार कुंभ मेले के आयोजन को लेकर सरकार की नीयत पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब कोरोना काल में चुनावी रैलियां हो सकती हैं। रोड शो हो सकते हैं। तो 12 वर्ष में एक बार पड़ने वाले कुंभ का भव्य आयोजन क्यों नहीं हो सकता।
शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती महाराज के शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने बताया कि ज्योतिषपीठ पर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देश भर में दो साल तक स्वर्ण ज्योति महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत धर्मनगरी हरिद्वार से की गई है। दो साल में देश के 50 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान इंटरनेट मीडिया के माध्यम से शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज ने कार्यक्रम को संबोधित कर अपना आशीर्वाद दिया।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने हरिद्वार कुंभ मेले के आयोजन को लेकर सरकार की नीयत पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि सरकार कोरोना का भय दिखाकर कुंभ का स्वरूप हल्का करना चाहती है। जब कोरोना काल में चुनावी रैलियां हो सकती हैं। रोड शो हो सकते हैं। चुनाव संपन्न कराए जा सकते हैं तो 12 वर्ष में एक बार पड़ने वाले कुंभ का भव्य आयोजन क्यों नहीं हो सकता। उन्होंने मेलाधिकारी दीपक रावत से कहा कि कुंभ मेले के दौरान जो अखाड़े, धार्मिक संस्थाएं या स्वयंसेवी संस्थाएं हरिद्वार आती हैं। उनसे मेला प्रशासन एक संदेश अवश्य लिखवाए और उन संदेशों को मेले के दौरान पत्रिका के रूप में प्रकाशित करें, ताकि कुंभ पर्व का सही संदेश देश और दुनिया में जा सके।