तीन दिन में हलफनामा दाखिल करे केन्द्र: हाईकोर्ट

कहा, पूरक हलफनामा दाखिल कर स्पष्टï करे वैधानिक स्थिति

सीजीएसटी गठन मामले में याचिका पर कोर्ट कर रहा सुनवाई

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सीजीएसटी अधिकरण के गठन को लेकर केन्द्र सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल शशिप्रकाश सिंह से जीएसटी काउंसिल की बैठक के एजेंडा नम्बर सात में पेश दस्तावेजों के साथ तीन दिन में हलफनामा मांगा है। कोर्ट ने जानना चाहा है कि धारा 109 में निहित अधिकारों का प्रयोग करते समय काउंसिल ने अपने विवेक की बजाय राज्य सरकार के प्रस्ताव के आधार पर कैसे निर्णय लिया है।
कोर्ट ने अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल से भी धारा 109 के अंतर्गत अपनी वैधानिक स्थिति स्पष्ट करते हुए पूरक हलफनामा दाखिल करने को कहा है। साथ ही याची के अधिवक्ता निशान्त मिश्र व अन्य याचियों को जीएसटी काउंसिल के निर्णय की चुनौती देने के लिए याचिका को संशोधित करने की अनुमति दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी एवं न्यायमूर्ति डॉ वाईके श्रीवास्तव की खंडपीठ ने मेसर्स टार्क फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड सहित अन्य कई याचिकाओं की सुनवाई करते हुए दिया है।
एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के साथ केंद्र सरकार के अधिवक्ता कृष्ण जी शुक्ल व कृष्णा अग्रवाल ने कोर्ट को जीएसटी काउंसिल द्वारा लखनऊ में राज्य अधिकरण व चार क्षेत्रीय पीठ गठन पर लिए गए निर्णय की जानकारी दी। साथ ही हलफनामा दाखिल करने के लिए समय मांगा। इस पर कोर्ट ने कानून से प्राप्त अधिकारों का प्रयोग न कर राज्य सरकार की संस्तुति पर अधिकरण गठन के जीएसटी काउंसिल के निर्णय को लेकर नाराजगी जताई और कहा कि बैठक में निर्णय लेते समय पेश दस्तावेजों को दाखिल किया जाए। याची के अधिवक्ता ने राज्य सरकार की संस्तुति पर अधिकरण की राज्य पीठ के गठन के फैसले को चुनौती देने के लिए समय मांगा है।

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