इस मौसम में बढ़ रहे डिहाइड्रेशन के मामले, आप बरतें ये सावधानी

yashbharat

इलाहाबाद। गर्मी की अभी शुरुआत ही हुई है और डिहाइड्रेशन के मामले सामने आने लगे हैं। कई बार तो यह स्थिति इतनी घातक हो जाती है कि समय पर इलाज न मिले तो मरीज की जान पर बन आती है। यहां हम बताएंगे कि डिहाइड्रेशन क्यों होता है और इस दौरान कैसी सावधानियां बरती जाना चाहिए।

डिहाइड्रेशन के लक्ष्ण

1. डिहाइड्रेशन में शरीर में पानी की कमी होने लगती है। यह समस्‍या तब होती है जब तापमान बढ़ता है, लेकिन मरीज पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थ नहीं ले पाता है। कम की कमी होने से खून के थक्‍के, दौरे और कई अन्‍य गंभीर बीमारियां का खतरा हो सकता है। प्‍यास और थकान इसके सामान्य लक्ष्ण हैं।

2. स्‍लाइवा में एंटी-बैक्‍टीरियल गुण होते हैं, लेकिन डिहाइड्रेशन की स्थिति शरीर को पर्याप्‍त मात्रा में स्‍लाइवा बनाने से रोकती है। मुंह में पर्याप्‍त स्‍लाइवा न बनने पर बैक्‍टीरिया पनपने लगते हैं। इसके कारण क्रोनिक डिहाइड्रेशन में सांसों से बदबू आने लगती है।

3. चक्‍कर आना और स्किन ड्राई होना भी डिहाइड्रेशन के लक्ष्ण हैं। इसके अलावा, डिहाइड्रेशन का मांसपेशियों पर सीधा असर पड़ता है और उनमें ऐंठन होने लगती है।

4. डिहाइड्रेशन की समस्‍या होने पर आपको बुखार या ठंड लगने जैसे लक्षणों का अनुभव हो सकता है। बुखार विशेष रूप से आपके लिए खतरनाक हो सकता है, इसलिए 101 डिग्री फेरनहाइट से अधिक बुखार होने पर तुरंत अपे डाक्‍टर से संपर्क करें।

5. शरीर में पानी की कमी के कारण सिरदर्द होने लगता है। लगभग 90 प्रतिशत लोगों में सिरदर्द डिहाइड्रेशन के कारण होता है। दिमाग एक प्रकार के द्रव की झिल्‍ली में होता है, यह खोपड़ी को शांत रखने में मदद करता है। यदि इस झिल्‍ली में पानी की कमी के कारण द्रव की मात्रा कम हो जाए तो इससे सिरदर्द के साथ दूसरी समस्‍यायें होने लगती हैं।

ऐसे बच सकते हैं

1. पर्याप्‍त मात्रा में पानी पीना सबसे अच्छा उपाय है। दिनभर में कम से कम 7-8 गिलास पानी पीना च‍ाहिए।

2. मसालेदार खाद्य पदार्थ शरीर के आंतरिक तापमान में वृद्धि कर तरल पदार्थों का नुकसान करते हैं। इसलिए डिहाइड्रेशन की समस्‍या से बचने के लिए मसालेदार भोजन से दूरी बना कर रखें।

3. पोटेशियम से भरपूर खाद्य पदार्थों जैसे केला, अनानास, शक्‍करकंद, नारियल पानी और आम ज्यादा मात्रा में खाएं।

4. घर के अंदर ही रहें। आराम करें। लाइट और ढीले ढाले कपड़े पहनें। शरीर को ठंडा रखने के लिए गीले तौलिये से लगातार पोंछते रहें। नशे से पूरी तरह दूर रहें।

5. डिहाइड्रेशन में भी योग कारगार साबित हो सकता है। हल्के-फुल्के योगासन करने से एनर्जी बनी रहेगी।

डिहाइड्रेशन का इक्वीनोक्स कनेक्शन

डिहाइड्रेशन का मौसम परिवर्तन से सीधा संबंध है। कहते हैं कि इक्वीनोक्स के दौरान इसका खतरा ज्यादा होता है। इक्वीनोक्स यानी दिन और रात का बराबर होना। जब सूर्य धरती की भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर से गुजरता है तो दिन और रात समान हो जाते हैं। यानी 12-12 घंटे के। इसे विज्ञान की भाषा में इक्वीनोक्स कहा जाता है। यह स्थिति साल में दो बार बनती है। 20-21 मार्च और 23-24 सितंबर।

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