प्रशासन ने तीन आश्रय स्थलों के लिए जारी किया था टेंडर

अबतक एक आश्रय स्थल तैयार हुआ । क्षमता है 500 लोगों की।

( अनुराग शुक्ला )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। हर साल प्रशासन संतों को पंडाल देता था। जिसमें दिन व शाम को कथा प्रवचन होता था और रात में श्रद्धालु ठहरते थे। इस बार कोरोना को लेकर एक भी संत को कथा पंडाल नहीं दिया गया। साथ ही प्रशासन ने अक्षयवट मार्ग पर एक मात्र आश्रय स्थल तैयार कराया है। इसमें भी पांच सौ लोगों के ठहरने का बंदोबस्त है। लेकिन प्रशासन ने टेंडर तीन आश्रय स्थलों के लिए जारी किया था।लेकिन अब तक की भीड़ को देखते हुए महज एक ही आश्रय स्थल तैयार हुआ है। ऐसे में शेष दो आश्रय स्थल का बंदोबस्त न होने से भीड़ बढ़ने पर क्या होगा। जबकि अभी मुख्य स्नान मोनी अमावस्या बाकी है। जिसमें लाखों की भीड़ आने की संभावनाएं बनी हुई है । यदि यह भीड़ माघ मेला में आती है । तो प्रशासन द्वारा इस भीड़ को ठहराने के लिए एकमात्र एक आश्रय स्थल बना हुआ है ।जबकि दो आश्रय स्थल अभी नहीं बन पाया है।

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