पीपीपी माडल के नाम पर देश का निजीकरण-रेवती रमण

बजट में आमजनमानस के लिए कुछ भी नहीं व राज्यों के आर्थिक स्वतंत्रता पर लगाम।


प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। केंद्रीय बजट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए राज्यसभा सांसद कुंवर रेवती रमण सिंह ने कहा कि पीपीपी मॉडल के नाम पर मोदी सरकार देश की परिसम्पत्तियों को निजी हाथों में सौंप रहे हैं हर क्षेत्र मे गिने चुने उधोगपतियों का कब्जा होगा जो आने वाले समय में जनता का खून चुसने का काम करेंगे क्योंकि सरकारी कम्पनी व सार्वजनिक उपक्रम नो प्रोफिट ,नो लास के सिद्धांत पर काम करते थे पर निजी संस्था या उधोगपति तो अपना लाभ लेकर कार्य करेगा जो जनता पर ही बोझ होगा। सांसद ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर सेस लगाकर भीषण मंहगाई में आग में घी डालने जैसा है और सेस के द्वारा राज्यों को आर्थिक क्षति पहुंचाई हैं क्योंकि एक्साइज ड्यूटी के रूप में जो पैसा मिलता हैं उसमें राज्यों की हिस्सेदारी होती हैं जबकि सेस की राशि सीधा केंद्र के खजाने में जाती हैं इससें राज्य कमजोर होंगे और छोटी छोटी बात के लिए केंद्र के सहारे होंगे तब भी राजनीति होगीं भाजपाई शासन वाले राज्यों की मदद होगी और गैर भाजपाई राज्यों को परेशान किया जायेगा।
सांसद ने कहा कि बजट में आमजनता के लिए कुछ भी नहीं है, नौकरी पेशा व छोटे व्यवसायी के लिए इंकमटैक्स का स्लैब नहीं बढा़या,137% स्वास्थ्य सेवाओं का जो ढिंढोरा पीट रहे हैं वो पांच साल के लिए हैं जो मिला कर पहले जैसा ही है यह बजट भी 20लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की तरह होगा कागज पर बहुत कुछ और हाथ कुछ नहीं।

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