
विवेचक एके निगम की कोर्ट में हुई गवाही
15 फरवरी को फिर होगी सुनवाई
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। उत्तर प्रदेश के नागरिक उड्डयन, अल्पसंख्यक कल्याण, राजनीतिक पेंशन, मुस्लिम वक्फ एवं हज मंत्री व शहर दक्षिणी विधायक नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी पर 2010 में हुए जानलेवा हमले के मामले की सुनवाई आज एमपीएमएलए कोर्ट में हुई। जिसमें आज फिर मामले के प्रथम विवेचक एके निगम की कोर्ट में गवाही शुरू हुई।
आज कोर्ट में पुलिस की तरफ से सनसनीखेज हत्याकांड और जानलेवा हमले के सबूत ‘ खून आलुदा मिट्टी ‘
कोर्ट के सामने रक्खे गए। प्रथम विवेचक ने उन वस्तुओं को पहचाना जिसे उन्होंने घटना के बाद मौके से बरामद किया था। खून अलूदा मिट्टी कोर्ट में दिखाई गई। जिसे विवेचक एके निगम ने पहचाना। विवेचक एके निगम द्वारा कोर्ट को बताया गया कि किस प्रकार इस जघन्य घटना को अंजाम दिया गया। किस प्रकार दिलीप मिश्रा, विजय मिश्रा, महेंद्र मिश्रा द्वारा राजेश पायलट को हायर करके घटना को अंजाम दिलाया गया। विवेचक ने कोर्ट को बताया कि मौका ए वारदात पर किस प्रकार खून से सनी मिट्टी पड़ी थी। उसके सैंपल लिए गए थे, एफएसएल की जो रिपोर्ट आई थी उसने आरडीएक्स और फ्यूल मिले होने की पुष्टि हुई थी।
कोर्ट में माल मुकदमा यानी बम ब्लास्ट में इस्तेमाल स्कूटी के अवशेष भी पेश किए जाने थे, जिसे कोतवाली पुलिस द्वारा पेश नहीं किया गया। जिस पर जज एमपी एमएलए कोर्ट ने कोतवाली पुलिस को हिदायत दी कि माल मुकदमा अगली तारीख पर हर हाल में पेश किया जाए।
इस मुकदमे की पिछली तारीख में विवेचक की गवाही पर विजय मिश्रा की ओर से आपत्ति दाखिल की गई। जिस पर दोनों पक्षों को सुना गया। पक्ष सुनने के बाद जज ने गवाही पुरी करने का निर्देश दिया। वहीं उपरोक्त विषय को आगे देखने का आदेश दिया। मंत्री नन्दी की तरफ से दिल्ली से आए वरिष्ठ अधिवक्ता जेपी शर्मा भी उपस्थित थे।