मौनी अमावस्या पर स्नान पर्व पर आस्था का रेला

संगम में शंकराचार्य स्वरूपानंद शंकराचार्य निश्चलानंद शंकराचार्य नरेंद्रानंद सहित जगतगुरु विनायका बाबा सहित दण्डी संन्यासियों ने लगाई डुबकी ।

प्रदेश सरकार ने हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर आस्थावनों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की।

( अनुराग शुक्ला/आनंत पांडे )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। त्रिवेणी स्नान का पुण्यलाभ लेने पहुंचे श्रद्धालु आसमान से पुष्प वर्षा देख अभिभूत हो उठे और गंगा मईया की जय के साथ मोदी और योगी की भी जय-जयकार कर उठे। मौनी अमावस्या के स्नान के लिए तीन दिन पहले से भीड़ आना शुरू हो गई थी। शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती और शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती भी अनुयायियों के साथ स्नान करने पहुंचे हैं। वही श्री काशी सुमेरु पीठाधीश्वर यति सम्राट अनन्त श्री विभूषित पूज्य जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती जी महाराज ने आज मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर प्रातः ६ बजे तीर्थराज प्रयाग के संगम में स्नान कर सनातन धर्म के द्रोहियों के समूल उन्मूलन एवम् भारतीय सेना को शक्ति और सामर्थ्य प्रदान करने की कामना से पूजन किया | खाक चौक साकेत धाम के जगतगुरु बिनयका बाबा रामसुखदास जी, खाक चौक व्यवस्था समिति के प्रधान मंत्री महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा, हिटलर बाबा, तेरा भाई पंच त्यागी तपस्या नगर के संतोष दास जी महाराज गोपाल दास जी महाराज अपने अनुयायियों के साथ संगम में स्नान किया । उधर दशासुमेर घाट पर दंडी स्वामी नगर के अखिल भारतीय दण्डी सन्यासी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्राह्ममा आश्रम और परिषद के संरक्षक शंकराचार्य महेशाश्रम , अखिल भारतीय दण्डी सन्यासी व्यवस्था समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल देव आश्रम सभी अपने अनुयायियों के साथ गंगा में स्नान किया और आए तीर्थ यात्रियों को 5 की टोली बनाकर स्नान के लिए प्रेरित किया। मेला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। संगम के 150 फीट के सर्कुलेटिंग एरिया में स्नान हो रहा है। दिन बढ़ने के साथ संगम पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती जा रही है।

 

 

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