
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा है कि वेब सिटी गाजियाबाद के अधूरे विकास कार्यों को पूरा करने के लिए याची कंपनी को पुलिस सहायता क्यों नहीं दे रही है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांगी जानकारी
वेब सिटी गाजियाबाद के अधूरे विकास कार्यों का मामला
हाईकोर्ट ने 18 फरवरी को इस मामले में जानकारी मांगी है। यह आदेश न्यायमूर्ति एनए मुनीस व न्यायमूर्ति दिनेश पाठक की खंडपीठ ने उप्पल चड्ढा हाईटेक डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की याचिका पर दिया है।
याची कंपनी का कहना है कि वेब सिटी बनकर तैयार है, केवल 10 प्रतिशत विकास कार्य ही बाकी है। लेकिन भू-माफिया व असामाजिक तत्वों के विकास कार्यों में रोड़ा अटकाने के कारण काम में देरी हो रही है। कार्य को पूरा करने के लिए कंपनी को पुलिस सुरक्षा मुहैया नहीं करायी जा रही है।
राज्य सरकार के स्थायी अधिवक्ता ने कोर्ट में जिलाधिकारी व एसएसपी की रिपोर्ट पेश की। लेकिन उसे कोर्ट ने संतोषजनक नहीं माना। याची का कहना है कि प्रदेश सरकार की हाईटेक सिटी योजना के तहत गाजियाबाद में बन रही वेब सिटी के लिए अधिगृहीत जमीन पर विकास कार्य कंपनी व जीडीए की ओर से किया जाना है। कुछ अराजकतत्व इस कार्य में व्यवधान डाल रहे हैं। जिला प्रशासन से सहायता मांगी गयी है लेकिन कोई सहायता नहीं मिल रही है। याचिका में राज्य सरकार व अन्य प्राधिकारियों को याची को विकास कार्य की अनुमति देने तथा इसमें सहयोग देने का निर्देश जारी करने की मांग की गयी है।