
भोजन बनाने से लेकर जूठे बर्तन साफ करने का कर रहे हैं सेवा भाव।
( अनुराग शुक्ला )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। संगम क्षेत्र के संगम मार्ग पर स्थित ओम वाहेगुरु ऋषि आश्रम अन्न क्षेत्र के द्वारा बसी तंबुओं की नगरी में कोई भूखा न सोए उसके लिए अन्न क्षेत्र चलाया जा रहा है। अन्न क्षेत्र में भक्तिभाव से ओतप्रोत समर्पण से सेवा कार्य होता है। सेवा करने वालों में वैभवपूर्ण जीवन जीने वाले डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड एकाउंटेंट उच्च न्यायालय के अधिवक्ता एमबीए किए हुए छात्र भी शामिल हैं। ओम वाहिगुरु ऋषि ओम वाहिगुरु आश्रम शिविर में प्रसाद ग्रहण करने पहुंचे संत जागरण आर्काइव आश्रम के शिविर में करोड़पति लोग की पढ़ाई करने वाले ओम ब्रह्मचैतन्य व्यक्त नहीं किया जा सकता। दिल्ली सेवा व प्रबंधन का गुर सीख रहे हैं। गूगल से जुड़े हैं। कहते हैं मेला क्षेत्र निवासी पंकज कहते हैं कि सेवा व सद्गुरु संत श्री हरबंस साहिब के आश्रम में आकर उन्हें आंतरिक ऊर्जा व प्रबंधन का गुर आत्मसात करने का सानिध्य में समस्त सुख-सुविधाओं सद्विचार की प्राप्ति हुई है। सबसे सरल माध्यम प्रयागराज की का त्याग करके तपस्वी की भांति जूठे बर्तन उठा रहे हैं । सिंगापुर से बीटेक करने वाले मल्टी नेशनल कंपनी के लोग भी सेवा भाव से आश्रम में
बर्तन उठाने, धोने और भंडारा चलाने मैं सहयोग करते हैं । संतों व श्रद्धालुओं प्रबंधक कुनाल छाबड़ा इस समय अवकाश में तल्लीन हैं। आश्रम का जूठा बर्तन उठाने व धोकर जो लेकर सेवा करने आए हैं। आश्रम के देखरेख श्री स्वामी सत्यानंद गिरी सत्यम जी महाराज ने बताया हमारे आश्रम में सभी बुद्धिजीवी व बड़ी से बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों के लोक सेवा भाव से 1 माह तक वालंटियर के रूप में कार्य करते हैं और अपनी सेवा देते है।