किला में सेना के द्वारा गंगा पूजन और ध्वजा रोहण का आयोजन किया गया


किला में सेना के द्वारा ऐतिहसिक गंगा पूजन सोशल डिसटेंस के साथ कार्यक्रम

सोशल डिसटेंस और कोविंड- गाईडलाईन से किया गया पूजन

( अनुराग शुक्ला/आनंत पांडे )

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। किला के कंमाडेट कर्नल विवेक डबास द्वारा गंगा पूजन की शुरूवात सर्व प्रथम की चढाने वाले मां गंगे के निशान वाले झंडे को तिलक लगाकर और माला फूल चडा़कर कर बारहदरी मंच से डिपों के सभी युनियन के प्रतिनिधियों को शंखनाद कर के गंगा तट पर रवाना करते हैं।और गंगा तट पर किला के कंमाडेट कर्नल विवेक डबास द्वारा मां गंगा पुजन के साथ- साथ प्रयागराज के सभी नागरीक के साथ कुशल व सुख -सम्ररिध् के लिए कामना करते हैं । सेना के द्वारा पूर्व की भांति चली आ रही परम्परा कई निर्रवहन लगातार किया जा रहा है गंगा पुजन के कार्यक्रम की परिपाटी को कई वर्ष की भाति इस वर्ष की भाति किला के सैनिक व असैनिक कर्मचारियो और अपने परिवार के साथ बड़ी धूमधाम से गंगा पूजा और ध्वजा रोहण का आयोजन बड़े हर्ष और उलास के साथ करते चले आ रहे है। आर एस एस डी गेट न०२ एक्स बांच के अनुभागों जैसे एम०टी०एस० एस० डी० सी०बी०के मैंटनटूल सालवेज आई० एम० जी० सी0पी0एल0 आर० एस० डी० और यातायात शाखा के अधिकारी के साथ डिपो के उप समादेशक ले०कर्नल राकेश मदान (सेना मेंडल ) ले०कर्नल ए० महाना ले०कर्नल मंयक विस्ट मेजर सलीम खान
कैप्टन वैशाली श्रीवास्तव कैप्टन समा फातिमा एंडस यार्ड एडम साईड हेडक्वार्टर्स व कार्मिक शाखा और फायर ब्रिगेड के अधिकारी इत्यादि ग्रूप के उनके अधिकारी और कर्मचारी के साथ डिपो के एडम साईड से प्रशासनिक अधिकारी मेजर रजनीश रढाल हेंड क्वाटर ओ0ई0सी0 मेजर विक्रम चक्रवर्ती. कैप्टन शुभम भट्टाचार्य गाजे बाजे के साथ जयकारा गंगन भेदी नारों के साथ डिपों के
सभी सैनिक व असैनिक कर्मचारियो वहां पहुंच कर मां गंगा के तट पर पूजन सामग्री और हवन करते हैं । यह इस प्रथा भारत सरकार के पुरातत्व विभाग 1965 में भारत सरकार के द्वारा पर्यटन विभाग को देने के लिए सेना को वहां से खाली कराने के लिए सरकार ने आदेश दिया लेकिन किले के असैनिक कर्मचारियो ने विरोध किया और मां गंगा से प्रार्थना कि भारत सरकार किले को खाली न खाली कराने और न ही पर्यटन विभाग यहा न आये यह कामना अगर मां गंगा हम सभी की कामना पुरी करेगी तो हम सभी प्रतिरक्षा कामगार प्रतिबद्ध रह कर सर वर्ष झंडा पुजा करेगे। तब से अब तक किले के सैनिक व असैनिक कर्मचारी और उनके परिवार के साथ धूम धाम से प्रति वर्ष
मां गंगा को निशान चढाते चले आ रहे हैं । और सेना द्वारा भी प्ररम्परा को झंडा पुजा के साथ और जिम्मेदारी के साथ निर्धारित किया जाता है। तब से यह परिपाटी चली आ रही है ।

यह बंसन पंचमी के पहले सप्ताह के शनिवार के दिन ही होता हैं।

किला ओ0डी0फोर्टके कर्मचारीयूनियन यूनियन के महामंत्री योगेश चंद्र यादव ने बताया कि किला में सेना के द्वारा कोरोना संक्रर्मण के द्वौर में प्रयागराज और ओ0डी0फोर्ट के आसपास मलीन बस्ती और तीर्थ स्थल पर आये हुए श्रद्धालूओ के लिए खाना पान और उनके रोजमर्रा के आवश्यक साम्रगी को
कई कार्यक्रम संपन्न हुआ । सेना द्वारा सम्पन का गौरवम्ई इतिहास के साथ किला ओ0डी0फोर्ट प्रयागराज को उत्कृष्ट कार्य कर्तव्यनिष्ठा पर साइटेशन अवार्ड से भी नवाजा गया है।

Exit mobile version