इस्लाम के निशाने पर केवल सनातन धर्म ही नहीं समस्त गैर इस्लामिक विचारधारा के लोग हैं – शंकराचार्य नरेंद्रानंद महाराज

गाजियाबाद (अनुराग दर्शन समाचार )। शिव शक्ति धाम डासना, गाजियाबाद (उ०प्र०) के परिसर में “विश्व सनातन संसद” का शिलान्यास श्री काशी सुमेरु पीठाधीश्वर यति सम्राट अनन्त श्री विभूषित पूज्य जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती जी महाराज की अध्यक्षता में सम्पन्न किया गया | शिलान्यास के पश्चात् पूज्य शंकराचार्य भगवान की अध्यक्षता में दो दिवसीय “राष्ट्रीय सर्व धर्म अधिवेशन” प्रारम्भ हुआ, जिसमें पूज्य शंकराचार्य भगवान ने कहा कि आज रेडिकल इस्लामिक जिहाद से पूरे विश्व मानवता को भयंकर खतरा पैदा हो गया है | इस्लाम के निशाने पर केवल सनातन धर्म ही नहीं, अपितु समस्त गैर इस्लामिक विचारधारा के लोग हैं | यदि समय रहते सभी ने मिलकर इसका प्रतिकार नहीं किया तो 10-15 वर्षों में भारत पर इस्लाम का कब्जा हो जाएगा | पूज्य श्री ने कहा कि यदि ऐसा हुआ तो इस्लामिक भारत पूरे विश्व के लिए बहुत बड़ा खतरा बनेगा | इसलिए गैर इस्लामिक विचारधारा के लोगों को संगठित होकर रेडिकल इस्लामिक जिहाद के विरुद्ध धर्म युद्ध लड़ना ही पड़ेगा | हिन्दुओं के पास १-२ लाख के मोबाइल तो होते हैं, लेकिन अपनी सुरक्षा के लिए एक लाठी तक नहीं होती । इसलिए अपनी और अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक हिन्दू के पास कोई न कोई अस्त्र-शस्त्र होना ही चाहिए | पूज्य श्री ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय मेंं बच्चों को प्राथमिक सैन्य प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए | अधिवेशन में सबसे पहले यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी ने विस्तार से रेडिकल इस्लामिक जिहाद की गुप्त योजना और उसके दुष्परिणाम पर अपने विचार रखे | पूरे देश के गैर इस्लामिक (हिन्दू, जैन, सिख, यहूदी, इसाई इत्यादि) धर्माचार्यों की सहभागिता रही, जिसमे पूज्य शंकराचार्य भगवान के सहित सनातन हिन्दू धर्म से स्वामी दीपांकर जी महाराज, आध्यात्मिक गुरू श्री पवन सिन्हा जी, जैन धर्म के आचार्य डा० लोकेश जी, डा० ए के मर्चेण्ट जी, इसाई धर्म गुरू टीटू पीटर जी, कन्याकुमारी से कैप्टन एम शिवा जी, श्री रवि प्रकाश शर्मा जी, जैन धर्म के सरदार ओंकार सिंह नरूला सहित अनेकों धर्माचार्यों ने अपने विचार प्रस्तुत किये | पूरे कार्यक्रम का संचालन वीर चक्र विजेता कर्नल टी पी त्यागी जी ने किया |

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