संतों को यात्रा के लिए भी भोजन देगा ओम वाहिगुरु ऋषि आश्रम अन्नक्षेत्र

( अनुराग शुक्ला/अनंत पांडे ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार) । मकर संक्रांति से अनवरत संतों, महात्मा, तीर्थयात्रियों और जरूरतमंदों को भोजन प्रसाद बांट रहा ओम वाहिगुरु ऋषि आश्रम अन्नक्षेत्र भंडारे के आखिरी दिन यानी माघी पूर्णिमा पर छोले-भटूरे का प्रसाद वितरित करेगा। पूर्ण श्रद्धाभाव से जनसेवा में लगा आश्रम मेला क्षेत्र से प्रस्थान करने वाले संत- महात्माओं को रास्ते के लिए भी भोजन देगा।

भंडारे के आखिरी दिन आज बटेगा छोला-भटूरा

आश्रम के संचालक और व्यवस्थापक श्रीमहंत स्वामी सत्यानंद सरस्वती ‘सत्यम जी’ महाराज ने बताया कि शिविर में भोजन के पश्चात संतों को आलू के पराठे और अमूल मक्खन पैक करके दिया जाएगा। ऐसा कोरोना महामारी के संकट को देखते हुए किया जा रहा है ताकि संत, महात्माओं को रास्ते में न भूखा रहना पड़े और न ही बाहर की कोई चीज खरीदकर खानी पड़े।
उल्लेखनीय है कि माघ मेला क्षेत्र के अपर संगम मार्ग पर स्थित ओम वाहिगुरु ऋषि आश्रम अन्नक्षेत्र हर दिन हजारों लोगों को भोजन प्रसाद वितरित करता है। आश्रम में सुबह की चाय से शुरू होकर रात के भोजन तक जनसेवा का क्रम चलता रहता है। आश्रम में आने वाले संतों, तीर्थयात्रियों और जरूरतमंदों को चाय, नाश्ता, दोपहर का भोजन, दूध और फिर रात का भोजन परोसा जाता है। भोजन प्रसाद ग्रहण कराने के बाद दक्षिणा देकर लोगों को विदा किया जाता है। जनसेवा का यह कार्य केवल आश्रम तक ही सीमित नहीं है बल्कि मेला क्षेत्र में दर्जनों स्थानों पर आश्रम द्वारा दी गई रसद से अन्नक्षेत्र चल रहे हैं। शहर क्षेत्र में रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, गरीब बस्तियों और ऐसे स्थानों पर जहां बड़ी संख्या में गरीब तबके के लोग ( दिहाड़ी मजदूर व रिक्शा चालक आदि) सड़क पर रात बिताते हैं वहां भी आश्रम द्वारा भोजन वितरित किया जाता है। इस कार्य में आश्रम की तीन गाड़ियां लगती हैं। यह सिलसिला शाम 7:00 बजे से शुरू होकर देर रात तक चलता है। आश्रम के समस्त सेवा कार्य सुशिक्षित और अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट सेवाएं देने वाले स्वयं सेवकों द्वारा किए जाते हैं।

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